उरई, 06 अप्रैल (हि.स.)। असमय ओलावृष्टि और बारिश से किसानों की फसल बर्बाद होने को लेकर भारतीय किसान संघ की जालौन की जिला कार्यकारिणी की एक आवश्यक बैठक आयोजित की गई। यह बैठक जिलाध्यक्ष अरुण कुमार सक्सेना की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई, जबकि प्रान्त अध्यक्ष साहब सिंह चौहान के मार्गदर्शन एवं प्रान्त मंत्री शिवराज सिंह पटेल की उपस्थिति रही। बैठक में जिले भर से आए पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों की समस्याओं पर विस्तृतरूप से चर्चा की। इसके बाद सर्वसम्मति से कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। किसानों ने समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी जालौन के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है।

सोमवार को जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडे को सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि ओलावृष्टि, अतिवृष्टि और तेज आंधी-तूफान के कारण गेहूं, मूंग सहित अन्य फसलों को व्यापक नुकसान हुआ है। भारतीय किसान संघ ने मांग की कि प्रशासन द्वारा पारदर्शी तरीके से सर्वे कराया जाए और प्रभावित किसानों को 30,000 रुपये प्रति एकड़ की दर से मुआवजा दिया जाए। किसान नेताओं ने कहा कि बीमा कंपनियों द्वारा फसल बीमा की राशि समय पर नहीं दी जाती, जिससे किसानों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ता है। संघ ने मांग की कि बीमा कंपनियां 72 घंटे के भीतर प्रारंभिक सहायता जारी करें और शेष भुगतान 30 दिनों के भीतर किया जाए। ज्ञापन के माध्यम से यह भी कहा गया कि जिन किसानों की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई है, वे बैंक ऋण चुकाने में असमर्थ हैं। ऐसे में किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के तहत लिए गए ऋण को समाप्त किया जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके। आंधी-तूफान के कारण कई स्थानों पर बिजली लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। किसान संघ ने मांग की कि बिजली आपूर्ति जल्द बहाल की जाए। साथ ही, गेहूं और मूंग की फसलों की सिंचाई के लिए 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की मांग की गई। वर्तमान में केवल 7-8 घंटे बिजली मिलने से किसानों को कठिनाई हो रही है।
प्रान्त अध्यक्ष भारतीय किसान संघ साहब सिंह चौहान ने बताया कि बारिश और ओलावृष्टि के कारण गेहूं भीग गया है और दागी हो गया है। किसान संघ ने मांग की कि खरीद केंद्रों पर ऐसे गेहूं की भी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बिना किसी कटौती के खरीद की जाए। भारतीय किसान संघ ने मुख्यमंत्री से मांग की कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों की समस्याओं का सहानुभूतिपूर्वक समाधान किया जाए और तत्काल राहत प्रदान की जाए।
समाजवादी पार्टी ने किया प्रदर्शन
जालौन में असमय ओलावृष्टि और बारिश से किसानों की फसल बर्बाद होने को लेकर समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष दीपराज गुर्जर के नेतृत्व में सोमवार को विरोध प्रदर्शन किया गया। पार्टी नेताओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर किसानों को तत्काल राहत और 100 प्रतिशत मुआवजा देने की मांग की। इस दौरान सपा कार्यकर्ताओं के साथ सपा सांसद नारायणदास अहिरवार के अलावा तमाम लोग मौजूद रहे।
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने बताया कि 5 अप्रैल 2026 को जिले के कई गांवों का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि गेहूं, सरसों, चना सहित अन्य फसलें बड़े पैमाने पर बर्बाद हो गई हैं। कई गांवों में किसानों की स्थिति बेहद चिंताजनक बताई जा रही है। नेताओं ने कहा कि कई परिवारों के सामने खाने तक की समस्या खड़ी हो गई है। इस गंभीर स्थिति को लेकर समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उरई स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया।
वही सांसद नारायण दास अहिरवार ने कहा कि किसानों की हालत बेहद गंभीर है। बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। फसल बर्बाद होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। पार्टी ने प्रशासन से तत्काल सर्वे कराकर राहत पैकेज जारी करने की मांग की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विशाल कुमार वर्मा
