नालंदा, बिहारशरीफ 06 अप्रैल (हि.स.)। नालंदा जिले के राजगीर स्थित सरस्वती भवन में आज सोमवार को ग्रामीण मेडिकल प्रैक्टिसनरों का राज्य स्तरीय सम्मेलन सह मिलन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संघ के प्रदेश महासचिव डॉ. विपिन कुमार सिन्हा ने की।अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. सिन्हा ने कहा कि बिहार सरकार द्वारा एनआईओएस, पटना के माध्यम से लगभग 40 हजार आरएमपी को प्राथमिक उपचार के लिए प्रशिक्षित किया गया है।

उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए सरकार से मांग की कि प्रशिक्षित आरएमपी को “चिकित्सा मित्र” के रूप में बहाल कर सरकारी सेवा में शामिल किया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाया जा सके।सम्मेलन में प्रशिक्षण देने वाले चिकित्सकों में पटना के कैंसर सर्जन डॉ. नवीन कुमार, बिहारशरीफ के ऑर्थो सर्जन डॉ. चंदेश्वर प्रसाद, फिजिशियन डॉ. दीनानाथ वर्मा, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव रंजन, यूरोलॉजी सर्जन डॉ. पवन कुमार भारती, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. किरण कुमारी, लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. सत्येंद्र कुमार सिंह, ईएनटी सर्जन डॉ. अरुण कुमार तथा डेंटल सर्जन डॉ. अनिल प्रसाद सहित कई चिकित्सक उपस्थित थे।कार्यक्रम में ग्रामीण क्षेत्रों में नि:शुल्क चिकित्सा शिविर लगाने वाले आरएमपी सदस्यों कोसम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि ग्रामीण विकास सह परिवहन मंत्री श्रवण कुमार और नालंदा सांसद कौशलेंद्र कुमार ने ग्रामीण क्षेत्रों में आरएमपी के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि गरीबों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है।इस अवसर पर चैंबर ऑफ कॉमर्स नालंदा के अध्यक्ष अनिल कुमार अकेला ने कहा कि कोरोना काल में आरएमपी ने महत्वपूर्ण सहयोग देकर लोगों को राहत पहुंचाने का कार्य किया था।कार्यक्रम में संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. यदुनंदन प्रसाद, सचिव डॉ. संजय कुमार सहित कई सदस्य मौजूद रहे। अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. शशिभूषण प्रसाद ने किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रमोद पांडे
