नवादा,07 अप्रैल (हि.स.)। बिहार–झारखंड सीमा पर स्थित रजौली जांच चौकी की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। पुलिस ने मंगलवार को बताया कि 648 लीटर अंग्रेजी शराब से भरी स्कार्पियो का नम्बर प्लेट भी फर्जी है,जबकि चेक पोस्ट पर जांच के सारे संसाधन मौजूद हैं ।नवादा के रजौली ओवरब्रिज के पास बीएसएनएल कार्यालय के सामने अंग्रेजी शराब से लदी एक स्कॉर्पियो के पलट जाने के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है। घटना के बाद क्षेत्र में तरह–तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं और जांच व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

बताया जाता है कि दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो पर BR 01JP 3789 नंबर अंकित था। हादसे के तुरंत बाद चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। बाद में जब पुलिस ने वाहन की जांच की, तो उसमें करीब 648 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद की गई। इतनी बड़ी मात्रा में शराब मिलने के बाद लोगों में हैरानी और आक्रोश दोनों देखने को मिला।
मामले की जांच के दौरान एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ। रजौली थाना की पड़ताल में पता चला कि वाहन पर लगा नंबर फर्जी था। स्कॉर्पियो का असली नंबर JH01 GJ 7823 निकला, जो झारखंड के डोमचांच निवासी प्रदीप कुमार मेहता के नाम से जुड़ा बताया जा रहा है। इससे साफ संकेत मिलता है कि शराब तस्करी के लिए फर्जी नंबर प्लेट का सहारा लिया जा रहा था।
इस घटना ने सबसे बड़ा सवाल रजौली सीमा पर मौजूद जांच चौकी की कार्यप्रणाली पर खड़ा कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब सीमा पर सख्त जांच की व्यवस्था है, तो इतनी बड़ी मात्रा में शराब से लदी गाड़ी आखिर जांच चौकी से कैसे पार हो गई। लोगों के बीच यह भी चर्चा है कि कहीं इस पूरे मामले में “शुभ लाभ” का खेल तो नहीं चल रहा।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं। अगर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो लोगों का कानून और व्यवस्था से भरोसा उठना स्वाभाविक होगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजय कुमार सुमन
