मीरजापुर, 07 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जिले में लालगंज विकास खंड में मंगलवार का दिन ग्रामीण महिलाओं के सपनों को नई उड़ान देने वाला साबित हुआ। जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार और मुख्य विकास अधिकारी विशाल कुमार ने जब विंध्य मार्ट का फीता काटा तो यह महज एक भवन का उद्घाटन नहीं था। यह उन मेहनती हाथों की पहचान थी, जो अब तक घर की चारदीवारी तक सीमित थे।

विंध्य मार्ट में जिले के 12 ब्लॉकों से आई स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के 35 तरह के उत्पाद सजे थे। कहीं घर का बना अचार, कहीं हस्तशिल्प, तो कहीं रोजमर्रा के उपयोग की चीजें। हर स्टॉल के पीछे एक कहानी थी संघर्ष की, आत्मनिर्भर बनने की और अपने पैरों पर खड़े होने की।
जिलाधिकारी ने एक-एक स्टॉल पर जाकर महिलाओं से बात की, उनके काम को समझा और सराहना की। उन्होंने कहा कि अब इन उत्पादों को सिर्फ स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि बड़े बाजारों से जोड़ने की कोशिश की जाएगी, ताकि महिलाओं की आय बढ़े और उनका आत्मविश्वास भी।
मुख्य विकास अधिकारी विशाल कुमार ने इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि विंध्य मार्ट महिलाओं के लिए सिर्फ बिक्री का केंद्र नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता का मंच बनेगा।
कार्यक्रम में उन लोगों को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में बेहतरीन काम किया। बैंक सखी, स्वास्थ्य सखी, आजीविका सखी और विद्युत सखी के रूप में काम कर रहीं महिलाओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। यह संदेश देने के लिए कि बदलाव की असली ताकत गांव की महिलाएं ही हैं।
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि अब गांव की महिलाएं सिर्फ घर तक सीमित नहीं रहना चाहतीं, बल्कि बाजार में अपनी पहचान बनाना चाहती हैं। विंध्य मार्ट उसी बदलते दौर की एक मजबूत शुरुआत है, जहां आत्मनिर्भर भारत की तस्वीर गांवों से उभर रही है।
ब्लॉक सभागार का भी हुआ शुभारंभ
इस अवसर पर लालगंज विकासखंड परिसर में नवनिर्मित ब्लॉक सभागार का भी उद्घाटन किया गया। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित यह सभागार अब प्रशासनिक बैठकों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और जनसुनवाई जैसे आयोजनों का केंद्र बनेगा। इससे स्थानीय स्तर पर योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और संवाद में तेजी आएगी।
—————
हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा
