मंडी, 08 अप्रैल (हि.स.)। डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के औद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय थुनाग स्थित गोहर के बी.एस.सी. तृतीय वर्ष के छात्रों के लिए मशरूम उत्पादन पाठ्यक्रम के अंतर्गत एक शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के तहत छात्रों ने जिला हमीरपुर के जाहु स्थित शिव शक्ति मशरूम फार्म, मनोह का दौरा किया।

इस शैक्षणिक भ्रमण में कुल 62 विद्यार्थियों ने भाग लिया और उन्हें मशरूम उत्पादन की संपूर्ण प्रक्रिया के बारे में जानकारी प्रदान की गई। फार्म पर विशेषज्ञों द्वारा विद्यार्थियों को मशरूम की विभिन्न प्रजातियों, उनके उत्पादन की वैज्ञानिक विधियों, कम्पोस्ट तैयार करने की तकनीक, बीज (स्पॉन) के उपयोग, तापमान एवं आर्द्रता के नियंत्रण सहित फसल प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं से अवगत करवाया गया।
इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों को मशरूम के पोषण मूल्य एवं इसके सेवन से होने वाले स्वास्थ्य लाभों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई।
विशेषज्ञों ने बताया कि मशरूम एक उच्च प्रोटीन युक्त, पोषक एवं औषधीय गुणों से भरपूर खाद्य पदार्थ है, जिसकी बाजार में लगातार बढ़ती मांग के चलते यह एक लाभकारी व्यवसाय के रूप में उभर रहा है। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को मशरूम उत्पादन से जुड़े स्वरोजगार के अवसरों, कम लागत में इस व्यवसाय को शुरू करने के तरीकों तथा विपणन की संभावनाओं के बारे में भी जानकारी दी गई।
इस अवसर ने छात्रों को न केवल सैद्धांतिक ज्ञान को समझने का अवसर प्रदान किया, बल्कि उन्हें उद्यमिता की दिशा में प्रेरित भी किया।
इस शैक्षणिक भ्रमण के दौरान महाविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ. किशोर शर्मा एवं डॉ. कौशल अत्री भी उपस्थित रहे और उन्होंने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने इस प्रकार के कार्यक्रमों को छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा
