हुगली, 08 अप्रैल (हि. स.)। जिले के उत्तरपाड़ा इलाके में एक सरकारी प्राथमिक स्कूल के शिक्षक पर छात्राओं के साथ कथित अमानवीय व्यवहार और यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप सामने आने से राजनीतिक माहौल गरमा गया है। घटना को लेकर उत्तरपाड़ा विधानसभा केंद्र से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उम्मीदवार दीपांजन चक्रवर्ती ने मंगलवार को तीखी प्रतिक्रिया देते हुए पुलिस पर मामले को दबाने का आरोप लगाया था। इसके बाद मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद बुधवार को आरोपित की गिरफ्तारी की पुष्टि की गई है।

दीपांजन चक्रवर्ती का आरोप है कि करीब 15 दिनों तक यह “घृणित और अमानवीय” घटना चलती रही। जब पीड़ित छात्राओं के परिजन शिकायत लेकर उत्तरपाड़ा थाने पहुंचे, तो कथित रूप से सत्तारूढ़ दल के कुछ प्रभावशाली नेताओं ने पुलिस पर दबाव बनाकर मामले को दबाने की कोशिश की।
मामले की जानकारी मिलते ही दीपांजन चक्रवर्ती भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे और विरोध जताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने चुनावी कार्यक्रम तक रद्द कर दिए, क्योंकि बेटियों की सुरक्षा और सम्मान राजनीति से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है।
भाजपा के दबाव के बाद पुलिस ने पॉक्सो कानून के तहत एफआईआर दर्ज की। पार्टी की ओर से चेतावनी दी गई थी कि यदि 24 घंटे के भीतर आरोपित को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो उत्तरपाड़ा थाने के बाहर घेराव और जीटी रोड पर शांतिपूर्ण धरना दिया जाएगा।
भाजपा नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि पीड़ित परिवारों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है और इसके लिए स्थानीय पुलिस व प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, देर रात पुलिस ने आरोपित शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
भाजपा उम्मीदवार दीपांजन चक्रवर्ती ने इसे “न्याय की शुरुआत” बताते हुए कहा कि वह अंतिम परिणाम तक संघर्ष जारी रखेगी। वहीं, पूरे घटनाक्रम के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है और कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय
