रांची, 09 अप्रैल (हि.स.)। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की ओर से आयोजित सहायक वन संरक्षक मुख्य परीक्षा के प्रश्नपत्र में आई भारी अशुद्धियों पर आजसू पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

पार्टी के केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रवीण प्रभाकर ने गुरुवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करना बंद करे। उन्होंने राज्य सरकार जेपीएससी अध्यक्ष को तत्काल बदलने की मांग की।
उन्होंने जेपीएससी की पूरी प्रक्रिया की जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित करने की मांग की।
प्रभाकर ने कहा कि जेपीएससी 19 अप्रैल को संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (प्रीलिम्स) लेगा। ऐसे में यह सुनिश्चित होना चाहिए इस परीक्षा के प्रश्नपत्रों में गलती दोहराई नहीं जाए।
उन्होंने कहा कि जेपीएससी की गरिमा कायम रखना राज्य सरकार का दायित्व है, क्योंकि इसके माध्यम से राज्य संचालन के लिए कार्यपालिका तंत्र आकार लेता है।
उन्होंने कहा कि जेपीएससी जैसे संस्थान के प्रश्नपत्र में 100 से अधिक अशुद्धियां होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है। राज्य के शहीदों का नाम तक अशुद्ध लिख दिया गया है। दर्जनों वर्तनी और अनुवाद की गलतियां अभ्यर्थियों के मानसिक संतुलन को बिगाड़ रही हैं। कई प्रश्नों का अर्थ ही बदल गया है, जिससे मेरिट प्रभावित हो रहा है।
प्रभाकर ने आरोप लगाया कि यह केवल छपाई की गलती नहीं, बल्कि जेपीएससी की लापरवाही, मॉडरेशन प्रक्रिया की विफलता और जवाबदेही की कमी का प्रमाण है। झारखंड जैसे राज्य में, जहां रोजगार के अवसर सीमित हैं, लाखों युवा वर्षों की मेहनत के बाद इस परीक्षा की तैयारी करते हैं। उनके भविष्य के साथ इस प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती।
प्रभाकर ने कहा कि जेपीएससी को अपनी छवि सुधारने और पारदर्शी परीक्षा प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाने होंगे। झारखंड के विकास में योग्य और सही चयनित अधिकारियों की जरूरत है।
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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak
