कैथल, 10 अप्रैल (हि.स.)। उपायुक्त अपराजिता ने लघु सचिवालय स्थित सभागार में आयोजित समाधान शिविर के दौरान आमजन की समस्याएं सुनीं और कई शिकायतों का मौके पर ही समाधान करवाया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि किसी भी शिकायत को लंबित न रखा जाए और समय रहते उसका निपटान सुनिश्चित किया जाए, ताकि समाधान शिविर आम लोगों के लिए सार्थक साबित हो सकें।

इससे पहले शुक्रवार काे राज्य स्तर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव अपूर्वा सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी उपायुक्तों को समाधान शिविरों के प्रभावी संचालन बारे आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में डीसी अपराजिता ने बताया कि शिकायत निवारण के मामले में कैथल जिला प्रदेश में अव्वल स्थान पर है। इस उपलब्धि को बनाए रखने के लिए सभी अधिकारियों को सतर्कता और समन्वय के साथ कार्य करना होगा।
डीसी ने जानकारी दी कि जिले में अब तक समाधान शिविरों में कुल 5642 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 5087 शिकायतों का समाधान किया जा चुका है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शेष शिकायतों का भी शीघ्र निपटान किया जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
उन्होंने कहा कि यदि किसी समस्या के समाधान में बाधा आ रही है तो उसे तुरंत उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाया जाए। सभी विभाग आपसी तालमेल के साथ कार्य करें और शिकायतों के समाधान के बाद गुणवत्ता के साथ एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) समय पर अपलोड करें।
समाधान शिविर के दौरान डीसी ने सीवरेज, पेयजल, राजस्व और बस स्टॉप से संबंधित समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को जल्द समाधान करने के निर्देश दिए। कई मामलों में उन्होंने मौके पर ही अधिकारियों को बुलाकर शिकायतों के लंबित रहने के कारणों की जानकारी ली और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करवाई।
नगर परिषद से जुड़ी कब्जे की शिकायत पर डीसी ने सचिव को मौके पर जाकर समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी आमजन की समस्याओं को संवेदनशीलता और अच्छे व्यवहार के साथ सुनें, ताकि शिकायतकर्ता पूरी तरह संतुष्ट हो सके।
इस अवसर पर एसडीएम संजय कुमार, जिला परिषद के सीईओ सुरेश राविश, डीएमसी कपिल शर्मा, शुगर मिल के एमडी कृष्ण कुमार, डीएसपी रोहताश, डीडीपीओ रितू लाठर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे
