नई दिल्ली, 10 अप्रैल (हि.स.)। देश की सीमाओं की सुरक्षा, सैनिकों के योगदान और सीमावर्ती क्षेत्रों की चुनौतियों को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए कार्यक्रम ‘हमारी सीमाओं को जानें’ (नो अवर बोर्डर्ड) आयोजित किया गया। इसमें राष्ट्रीय एकता और सुरक्षा जैसे तमाम मुद्दों पर लोगों को जागरूक करने की अपील की गई। कार्यक्रम में विद्यार्थियों एवं युवाओं से राष्ट्रहित में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन शुक्रवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री अरबिंदो कॉलेज में हुआ। कार्यक्रम में मुख्यातिथि प्रो. राजेश सिंह, मुख्य वक्ता लेफ्टिनेंट जनरल वी. के. चतुर्वेदी (सेवानिवृत्त), अध्यक्ष प्रो. विपिन अग्रवाल तथा वक्ता डॉ. श्याम नारायण पांडे, महाविद्यालय के शिक्षक, छात्र-छात्राएं और अन्य लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम में सीमा जागरण मंच की गतिविधियों और उद्देश्यों की जानकारी दी गई। वक्ताओं ने देश की सीमाओं की संवेदनशीलता, सीमावर्ती क्षेत्रों की चुनौतियों और वहां रहने वाले लोगों की परिस्थितियों पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में सीमावर्ती क्षेत्रों का समुचित विकास और वहां के लोगों का सशक्तिकरण की आवश्यकता पर जोर दिया गया। साथ ही इससे राष्ट्रीय एकता और सुरक्षा मजबूत करने के लिए छात्रों को जागरूक रहने और सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
मुख्य अतिथि प्रो. राजेश सिंह ने कहा कि सीमाओं की सुरक्षा में समाज की भागीदारी जरूरी है। मुख्य वक्ता लेफ्टिनेंट जनरल वी. के. चतुर्वेदी (सेवानिवृत्त) ने कहा कि सैनिक कठिन परिस्थितियों में देश की रक्षा करते हैं।
अध्यक्ष प्रो. विपिन अग्रवाल ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों का विकास राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा विषय है। डॉ. श्याम नारायण पांडे ने कहा कि युवाओं में जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है।
—————
हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी
