यमुनानगर, 11 अप्रैल (हि.स.)। गेहूं खरीद की नई व्यवस्था और बायोमेट्रिक सत्यापन प्रणाली के विरोध में शनिवार को संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा आयोजित प्रदर्शन को इंडियन नेशनल लोकदल ने समर्थन दिया। उपायुक्त कार्यालय के बाहर आयोजित धरने और रोड जाम में बड़ी संख्या में इनेलो कार्यकर्ता शामिल हुए।

धरने को संबोधित करते हुए इनेलो प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य खिलाराम नरवाल ने राज्य सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि फसल खरीद से जुड़ी नई शर्तें व्यावहारिक नहीं हैं और विशेष रूप से छोटे तथा सीमांत किसानों के लिए कठिनाइयों को बढ़ाने वाली हैं। उनके अनुसार बायोमेट्रिक सत्यापन, ऑनलाइन गेट पास, जियो-फेंसिंग और “मेरी फसल मेरा ब्यौरा” जैसी व्यवस्थाएं किसानों पर अनावश्यक तकनीकी दबाव डाल रही हैं, जबकि प्रदेश का बड़ा वर्ग अभी भी डिजिटल संसाधनों से वंचित है।
उन्होंने कहा कि छोटे किसान अक्सर किराए के वाहनों या छोटे परिवहन साधनों से मंडियों तक फसल लाते हैं। ऐसे में नई सत्यापन प्रणाली उनके लिए अतिरिक्त परेशानी खड़ी करेगी। इसके साथ ही मंडियों में रात आठ बजे के बाद प्रवेश बंद करने के निर्णय को भी अव्यावहारिक बताते हुए उन्होंने कहा कि इससे किसानों को लंबा इंतजार करना पड़ेगा और अव्यवस्था की स्थिति बनेगी। नरवाल ने मांग की कि बंद किए गए खरीद केंद्रों को तत्काल पुनः शुरू किया जाए ताकि मंडियों पर दबाव कम हो सके और खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से चल सके। इनेलो ने इन नीतियों को किसान विरोधी बताते हुए मंडियों में ‘किसान कष्ट निवारण केंद्र’ स्थापित करने की भी जानकारी दी।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार
