
मथुरा, 11 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में युमना नदी में मोटर बोट पलटने से हुए हादसे के बाद राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और अन्य बचाव दल युद्धस्तर पर लापता लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं। इस बीच शनिवार को एक और युवक का शव बरामद किया गया है। इससे इस हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 11 हो चुकी है, जबकि सात लोग अभी लापता हैं।

जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने शनिवार दोपहर को रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम चैरिटेबल अस्पताल पहुंचकर यहां भर्ती घायलों का कुशलक्षेम जाना। उन्होंने चिकित्सकों को घायलों को उत्कृष्ट स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रशासन ने नदी से निकाले गए 10 लोगों के शव को पंजाब भिजवा दिया है।
जिलाधिकारी ने बताया कि शुक्रवार दोपहर लुधियाना से श्रद्धालुओं का जत्था वृंदावन के केशीघाट से यमुना के पार देवराहा बाबा की समाधि स्थल पर दर्शन के लिए जा रहा था। यमुना पर खोले गए पैंटून पुल को जोड़ने के दौरान तेज बहाव में पुल का पीपा मोटरबोट से टकरा गया और बोट पलट गई। उसमें सवार 37 से अधिक श्रद्धालु यमुना में डूबने लगे। आसपास मौजूद गोताखोरों ने 22 लोगों को बचा लिया और अन्य लोगों की खोजबीन शुरू कर दी। दस शव कल ही निकाल लिए गये थे और आज एक युवक का शव गोताखोरों ने खोज निकाला। मृतक की पहचान माणिक टंडन के रूप में हुई है। अब तक 11 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि सात श्रद्धालुओं का अब तक पता नहीं चल पाया है।
एसपी देहात सुरेश चंद्र रावत और एडीएम वित्त डॉक्टर पंकज वर्मा की अगुवाई में टीमें यमुना नदी में लापता श्रद्धालुओं की तलाश कर रही हैं। पूरे मामले की जांच एडीएम वित्त डॉ. पंकज वर्मा को सौंपी गई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / महेश कुमार
