हुगली, 12 अप्रैल (हि. स.)। हुगली की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। कई दिनों से चल रही अटकलों के बीच भाजपा के हुगली जिले के सह-सभापति सुरेश साव ने रविवार को तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया। डानलप मैदान में आयोजित जनसभा में तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की मौजूदगी में उन्होंने औपचारिक रूप से पार्टी में शामिल हुए।

इस मौके पर अभिषेक बनर्जी ने सुरेश साव को तृणमूल का झंडा थमाया, जबकि तृणमूल उम्मीदवार देवांशु भट्टाचार्य ने उन्हें उत्तरीय पहनाकर स्वागत किया। सभा के दौरान सुरेश साव ने फिल्म पुष्पा के मशहूर डायलॉग “झुकेगा नहीं” का जिक्र करते हुए अभिषेक बनर्जी के केंद्र सरकार के खिलाफ संघर्ष की तुलना की।
तृणमूल में शामिल होने के बाद सुरेश साव ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने काफी मेहनत से पार्टी के लिए काम किया, लेकिन उनके जैसे कार्यकर्ताओं के साथ धोखा हुआ। उन्होंने कहा कि अगर हम जैसे कार्यकर्ताओं के साथ ऐसा व्यवहार हुआ है, तो आम लोगों के साथ क्या हुआ होगा।
उन्होंने दावा किया कि भाजपा लगातार गलतियां कर रही है और कार्यकर्ताओं के साथ खराब व्यवहार कर रही है। हुगली में भाजपा एक भी सीट नहीं जीत पाएगी और आने वाले दिनों में पार्टी में झंडा उठाने वाले लोग भी नहीं बचेंगे।
वहीं, भाजपा की ओर से सुरेश साव के जाने को खास महत्व नहीं दिया गया। चूंचूड़ा से तृणमूल उम्मीदवार सुबीर नाग ने कहा कि सुरेश पहले से ही दल-विरोधी गतिविधियों में शामिल थे और लोकसभा चुनाव में पार्टी को नुकसान पहुंचाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि सुरेश का तृणमूल से पहले से संपर्क था।
सुबीर नाग ने यह भी कहा कि जो लोग तृणमूल से संबंध रखते हुए भाजपा में थे, उनके आने से पार्टी और मजबूत होगी।
इस घटनाक्रम के बाद हुगली की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय
