कानपुर, 14 अप्रैल (हि.स.) शिक्षा का उद्देश्य केवल जीविका अर्जन नहीं बल्कि जीवन का निर्माण है। हमें मूल्यनिष्ठ और समग्र शिक्षा व्यवस्था विकसित करनी होगी। भारतीयता आधारित शिक्षा ही समाज को सही दिशा दे सकती है। इसी उद्देश्य के साथ शिक्षण मंडल कार्य कर रहा है। यह बातें मंगलवार को कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे डॉ. अमित कुमार ने कही।

भारतीय शिक्षण मंडल के तत्वावधान में 13 एवं 14 अप्रैल को परिचायक वर्ग का आयोजन छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय के इंटरनेशनल गेस्ट हाउस परिसर में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन तथा भारत माता एवं मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण के साथ किया गया।
यह दो दिवसीय परिचायक वर्ग पांच सत्रों में आयोजित किया गया, जिसमें भारतीय शिक्षा दर्शन, शिक्षा में भारतीयता, कार्य एवं गतिविधियां, छह उत्सव, कार्यकर्ता विकास, मंडल की कार्यपद्धति, अध्ययन समूह, प्रत्यक्ष मंडल तथा मुक्त चर्चा एवं जिज्ञासा समाधान जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
प्रथम सत्र में मुख्य अतिथि डॉ. अमित कुमार ने शिक्षा के मूल उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षा केवल रोजगार तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि व्यक्ति के सर्वांगीण विकास का माध्यम बननी चाहिए।
कार्यक्रम में अखिल भारतीय संयुक्त महामंत्री सुनील शर्मा ने कहा कि भौतिक ज्ञान का अर्जन आवश्यक है, जिससे व्यक्ति आत्मनिर्भर बन सके। उन्होंने जीवन में आनंद और संतुलन बनाए रखने पर भी जोर दिया।
इस वर्ग में कानपुर प्रांत के विभिन्न जिलों से लगभग 50 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिन्होंने संगठन की कार्यप्रणाली, विचारधारा और गतिविधियों को समझा।
कार्यक्रम में डॉ. अंगद सिंह, डॉ. ओम प्रकाश सिंह, डॉ. राजीव उपाध्याय, कौशल प्रताप सिंह, प्रभाकर उपाध्याय, शिवम अग्रहरी और बालेंद्र सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / मो0 महमूद
