कोलकाता, 16 अप्रैल (हि.स.)। मोथाबाड़ी कांड में गिरफ्तार वकील मोफक्केरुल इस्लाम की भूमिका बेहद रहस्यमय बताई जा रही है। गुरुवार को बैंकशाल अदालत में यह दावा राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने किया। एजेंसी ने आरोपित को अपने हिरासत में लेने की मांग भी अदालत से की है। हालांकि, अदालत ने अभी इस मामले में कोई फैसला नहीं सुनाया है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का पालन करते हुए मोथाबाड़ी कांड की जांच का जिम्मा चुनाव आयोग ने एनआईए को सौंपा है। इस हिंसा की घटना में कुल 12 मामले दर्ज किए गए हैं और संलिप्तता के संदेह में अब तक 49 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। बताया गया है कि बीते एक अप्रैल को मालदा जिले के कालियाचक स्थित मोथाबाड़ी में बीडीओ कार्यालय के भीतर न्यायिक अधिकारियों को घेरकर रोकने का आरोप लगा था। सूत्रों के अनुसार, एसआईआर के कार्य के लिए वहां पहुंचे न्यायिक अधिकारियों के खिलाफ लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। आधी रात को मालदा के कालियाचक क्षेत्र में स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने कालियाचक-दो बीडीओ कार्यालय में सात न्यायिक अधिकारियों को काफी देर तक बंधक बनाकर रखा। इनमें एक महिला समेत तीन न्यायाधीश भी शामिल थे। मामला बाद में सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता
