चित्तौड़गढ़, 17 अप्रैल (हि.स.)। एनसीसी निदेशालय राजस्थान, जयपुर के उप महानिदेशक एयर कमोडोर संपत कुमार आनंद ने शुक्रवार को सैनिक स्कूल चित्तौड़गढ़ का दौरा किया। एयर कमोडोर के स्कूल पहुंचनेे पर स्कूल के कार्यवाहक प्राचार्य मेजर सी श्रीकुमार ने पारंपरिक सैन्य शिष्टाचार के साथ स्वागत किया। विद्यालय के कैडेट्स ने मुख्य अतिथि को गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। मुख्य अतिथि ने सर्वप्रथम विद्यालय परिसर में स्थित स्मृतिका पर पहुंच कर राष्ट्र के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए और दो मिनट का मौन रख कर उन्हें नमन किया। यह क्षण सभी उपस्थित जनों के लिए अत्यंत भावुक एवं प्रेरणादायी रहा।

स्कूल के जनसंपर्क अधिकारी बाबूलाल शिवरान ने बताया कि इस अवसर पर स्कूल के शंकर मेनन सभागार में एक विशेष सभा का आयोजन किया गया। स्कूल की कैडेट उमा शर्मा ने मुख्य अतिथि का परिचय दिया। भारतीय वायु सेना के वरिष्ठ अधिकारी एयर कमोडोर आनंद ने अपने उत्कृष्ट करियर और विशिष्ट उपलब्धियों से सेवा में एक महत्वपूर्ण स्थान बनाया है। वे नेशनल डिफेंस एकेडमी के पूर्व छात्र हैं और 29 जून 1996 को वायु सेना की फ्लाइंग ब्रांच में फाइटर स्ट्रीम में कमीशन प्राप्त किया। उन्होंने अपने करियर में 2850 घंटे से अधिक उड़ान भरी है, जिसमें 20 से अधिक प्रकार के फाइटर, ट्रांसपोर्ट, हेलीकॉप्टर और ट्रेनर विमान शामिल हैं। उन्होंने अपने सैन्य प्रशिक्षण और शिक्षा के दौरान भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। वे मीरपुर, ढाका स्थित डिफेंस सर्विसेज कमांड एंड स्टाफ कॉलेज तथा सिकंदराबाद के कॉलेज ऑफ एयर वॉरफेयर के स्नातक हैं, जहां उन्होंने उच्च स्तर की ग्रेडिंग के साथ पाठ्यक्रम पूरे किए। अपने करियर में एयर कमोडोर आनंद ने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। उन्होंने वेस्टर्न एयर कमांड में एक फ्रंटलाइन कॉम्बैट स्क्वाड्रन की कमान संभाली, साउथ वेस्टर्न एयर कमांड में चीफ ऑपरेशंस ऑफिसर के रूप में कार्य किया तथा एयर फोर्स स्टेशन पोर्ट ब्लेयर में स्टेशन कमांडर के रूप में सेवाएं दीं। उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें कई प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हुए हैं। वर्ष 2011 में जगुआर विमानों पर ‘रेक्लाइट टैक्टिकल रिकॉनिसेंस सिस्टम’ को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए उन्हें ‘चीफ ऑफ एयर स्टाफ’ द्वारा सम्मानित किया गया। एयर कमोडोर आनंद का करियर भारतीय वायु सेना के समर्पण, साहस और तकनीकी उत्कृष्टता का प्रेरणादायक उदाहरण है।
उप महानिदेशक एयर कमोडोर संपत कुमार आनंद ने कैडेट्स से बातचीत के दौरान कहा कि भारतीय वायु सेना न केवल एक सम्मानजनक करियर का अवसर प्रदान करती है, बल्कि देश की सेवा का सर्वोच्च माध्यम भी है। यह एक ऐसा क्षेत्र है जहां साहस, तकनीकी दक्षता और नेतृत्व का अद्वितीय संगम देखने को मिलता है। आपमें से कई कैडेट्स भविष्य में वायु योद्धा बन कर राष्ट्र की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। भारतीय वायु सेना में शामिल होना केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि देश की रक्षा का संकल्प है। उन्होंने कहा कि जीवन में अनुशासन बहुत अहम है। कैडेट्स से कहा कि आत्मविश्वास से कठिन से कठिन राह को आसान बनाया जा सकता है। उन्होंने सभी छात्रों को सकारात्मक सोच रखने की सलाह दी और अपने लक्ष्य पर केन्द्रित रहकर उसे प्राप्त करने के लिए मेहनत करने के लिए कहा। उन्होने कहा कि पुराने समय में इस तरह की सुविधाएं नहीं थी, परंतु आज जो अच्छी सुविधाएं मिल रही है उनका सदुपयोग करे। कैडेट्स से बातचीत के दौरान उन्होंने सभी को आत्म अनुशासन, समय प्रबंधन, एकता और अनुशासन का गुण अपनाने को कहा। उन्होंने स्कूल के छात्रावासों, कैडेट्स मैस, आर्चरी रेंज एवं एयर राइफल शूटिंग रेंज, इंडोर स्टेडियम, शैक्षणिक भवन एवं प्रशासनिक भवन का निरीक्षण किया। स्कूल कैप्टेन कैडेट मधुसुदन सिंह राठौड़ ने धन्यवाद ज्ञापित किया। अंत में कार्यवाहक प्राचार्य मेजर श्रीकुमार ने स्कूल परिवार की ओर से स्मृति चिन्ह भेट किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / अखिल
