-पुलिस ने फैक्ट्री के मुख्य आरोपी को किया गिरफ्तार

-चीन से रॉ ड्रग्स मंगाकर इटली में बनने वाली दवा के बनाते थे नकली इंजेक्शन
गुरुग्राम, 20 अप्रैल (हि.स.)। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने यहां सेक्टर-62 स्थित एक फ्लैट में छापेमारी करके वजन घटाने व शुगर कम करने के नकली इंजेक्शन बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने फैक्ट्री के मुख्य संचालक को भी गिरफ्तार किया है। प्राथमिक जांच में पता चला है कि इस फैक्ट्री में चीन से रॉ ड्रग्स मंगाकर इटली में बनने वाली दवा मौनजारो-तिर्जेपाटाइड के नकली इंजेक्शन बनाए जाते हैं। एक दिन पूर्व भारी मात्रा में इंजेक्शन से भरी गाड़ी पकड़ी थी। उसी से इस फैक्ट्री का खुलासा हुआ है। इंजेक्शन तैयार करके उन्हें इंडिया मार्ट वेबसाइट के माध्यम से अवैध सप्लाई की जाती थी।
बता दें कि 18 अप्रैल 2026 को ड्रग कंट्रोल विभाग की टीम ने डीएलएफ फेज-4 में एक गाड़ी से 70 लाख रुपये के इंजेक्शन बरामद किए थे। इसी मामले में सोमवार को सेक्टर-62 की सोसाइटी में टीम छापेमारी करने पहुंची। मौके पर पता चला कि वहां पर रॉ ड्रग्स में पानी मिलाकर इंजेक्शन तैयार किये जाते हैं। इसके बाद पैकेजिंग, बारकोड लगाने व लेबलिंग का पूरा काम भी इसी फ्लैट में किया जाता था। टीम ने पैकेजिंग मशीनें भी बरामद की हैं। ड्रग कंट्रोल अधिकारी अमनदीप चौहान ने सोमवार को बताया कि ये इंजेक्शन इटली से इंपोर्ट करके भारत लाये जाते हैं। आमतौर पर ये इंजेक्शन शुगर व मोटापा घटाने में काम आते हैं। विभाग को सूचना मिली थी कि गुरुग्राम में नकली इंजेक्शन की चेन चल रही है। इस सूचना पर वहां छापेमारी की गई।
लैबलिंग के मिलान से असली-नकली इंजेक्शन का हुआ खुलासा
इस मामले में टीम की ओर से इंजेक्शन से भरी गाड़ी के साथ डीएलएफ फेज-4 से डिलीवरी करने वाले मुज्जमिल को पकड़ा गया था। अब मुख्य आरोपी अवि शर्मा को भी गिरफ्तार किया है। मुज्जमिल उत्तर प्रदेश का रहने वाला है और अवि गुरुग्राम का निवासी है। आरोपी फ्लैट में ही इन इंजेक्शनों को तैयार कर रहे थे। उनकी लेबलिंग में फर्क पाया गया। तभी इनके असली-नकली होने का खुलासा हुआ। इसकी जानकाारी इंजेक्शन बनाने वाली कंपनी एली लिली कंपनी को भी दी जा रही है। अमनदीप चौहान के मुताबिक, इस कंपनी के इंजेक्शनों को लेकर पूरे भारत में अलर्ट जारी कर दिया गया है। साथ ही बैच नंबर भी सांझा किए गए हैं, ताकि स्वास्थ्य विभाग की टीमें सतर्क रहें। नकली इंजेक्शनों को पकड़ सकें। पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि नकली इंजेक्शन कहां-कहां सप्लाई किए गए और इस रैकेट में कितने लोग शामिल हैं। आरोपी ने अभी तक पूछताछ में यह भी बताया कि इन इंजेक्शनों की सप्लाई इंडिया मार्ट के माध्यम से की जा रही थी।
हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर
