अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण और काशी का विकास था जरूरी

डेहरी-ऑन-सोन (रोहतास)। भारत का विश्व गुरू बनना तय है और इस दिशा में यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कार्य हो रहा है। ईश्वर ने भारत की नियति मे जो तय किया है उसपर लगातार कार्य हो रहा है। उक्त बाते विश्व हिन्दू परिषद के मार्गदर्शन मंडल के सदस्य और कौसलेश सदन पीठाधीश्वर जगदगुरू रामानुजाचार्य ”विद्याभाष्कर” जी महाराज ने मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान कही। उन्होंने कहा कि कंस ने भगवान कृष्ण के माता पिता को कैद रखा था। लेकिन भगवान के जन्म के पूर्व सारे पहरेदार सो गए थे। भगवान की कृपा से कार्य पूरा होता है। अय़ोध्या में राम जन्मभूमि का निर्माण, काशी का उद्थान हुआ। उसी प्रकार मथुरा के जन्मस्थान की मुक्ति भी भगवान खुद करवाएंगे। माध्यम उन्होंने चुन लिया है। उन्होंने कहा कि भगवान की लीला अपरंपार है और जो सबसे बेहतर होता है वो मनुष्य के लिए करते हैं। उन्होंने कहा कि इसकी स्वीकार्यता से ही जीवन बेहतर हो जाता है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी की सरकार जनहित और देशहित में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि रामचरितमानस पर टिप्पणी भारतीय अध्यात्म पर प्रहार है। जो बर्दाश्त योग्य नहीं है। मौके पर स्थानीय आश्रम के महंत स्वामी रंगनाथाचार्य जी महाराज मौजूद थे।

