इन्द्रपुरी (रोहतास) लोकनृत्य में सुप्रसिद्ध छऊ नृत्य को शुक्रवार को स्पीक मैके के तत्वावधान में अमलतास कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन के परिसर में शिक्षक-प्रशिक्षुओं के बीच जीवंतता के साथ कलाकारों ने प्रस्तुत कर अमित छाप छोड़ने में सफलता पायी। पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले के “शीतलपुर गणेश छौ नृत्य संस्था” से आए कलाकारों ने भाव भंगीमाओं और नृत्य के माध्यम से युद्ध की तकनीक को विशिष्ट रूप से प्रस्तुत कर सब का मन मोहने में कामयाबी हासिल की। परंपरागत लोक संगीत की धुन के साथ ढोल, धूम्सा, खर्रा, मोहरी व शहनाई जैसे वाद यंत्रों के प्रयोग से छऊ नृत्य की प्रस्तुति को चार चांद लगा रहे थे। कलाकारों ने छऊ नृत्य के माध्यम से महिषासुर वध प्रसंग दिखाकर महिला सशक्तिकरण का भी संदेश दिया। कलाकारों में मुख्य रूप से सुश्मय महतो, मोहित कुमार महतो, प्रभाष महतो, दिवाकर महतो श्याम सुन्दर महतो, पिंटू महतो, गोलोप महतो, सुनील महतो एवं पुरना महतो ने अपने कला से लोगों का मन मोह लिया। कार्यक्रम के संयोजक चीनी बॉस महतो ने बताया कि वर्तमान परिवेश में अपनी लोक कलाओं को जीवित रखना हमारे हाथ में हैं। बचपन से बच्चों को शास्त्रीय कलाओं के साथ लोक कलाओं को भी सिखाया जाए तो उनकी भी पहचान भारत की मिट्टी से होगी। मौके पर संस्थान के अध्यक्ष श्री रणजीत सिन्हा, उपाध्यक्ष श्रीमती रंजना सिन्हा न्यास सदस्या श्रीमती सलोनी सिन्हा, अमेरिका से आये विशेष अतिथि श्री बॉब सहित सभी शिक्षक एवं प्रशिक्षु उपस्थित थे। मंच का सञ्चालन बी.एड. प्रथम वर्ष की छात्रा अनीता कुमारी एवं धन्यवाद ज्ञापन नंदिनी कुमारी ने किया।

