सागर, 21 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सागर जिले में मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई के दौरान एक पीड़ित महिला ने न्याय की उम्मीद टूटने पर आत्मघाती कदम उठाने की कोशिश की। महिला ने अचानक अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क लिया, जिससे वहां मौजूद अधिकारियों और आवेदकों के बीच हड़कंप मच गया।

घटना के समय कलेक्ट्रेट में भारी भीड़ मौजूद थी। जैसे ही महिला ने पेट्रोल की बोतल निकालकर खुद को भिगोया, वहां तैनात पुलिस बल और सुरक्षाकर्मियों की नजर उस पर पड़ गई। महिला माचिस जला पाती, उससे पहले ही सतर्क जवानों ने उसे दबोच लिया और उसके हाथ से ज्वलनशील पदार्थ छीन लिया। इस त्वरित कार्रवाई से एक बड़ी अनहोनी टल गई, लेकिन घटना के बाद परिसर में काफी देर तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा।
रेस्क्यू के बाद पीड़िता ने बिलखते हुए प्रशासन के सामने अपना दुखड़ा सुनाया। महिला ने आरोप लगाया कि पारिवारिक प्रताड़ना: उसके ससुराल वाले लंबे समय से उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं और उसे घर से बेदखल कर दिया गया है।
पीड़िता का दावा है कि वह न्याय के लिए बार-बार थाने के चक्कर लगा रही है, लेकिन पुलिस कर्मियों ने उसकी शिकायत पर न तो कोई ध्यान दिया और न ही दोषियों के खिलाफ FIR दर्ज की। उसने भावुक होते हुए कहा कि जब सिस्टम ही बहरा हो जाए, तो गरीब इंसान के पास जान देने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचता।
इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी हरकत में आए। उन्होंने महिला को शांत कराया और मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि महिला की शिकायत पर निष्पक्ष जांच कर ससुराल पक्ष पर कार्रवाई की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार चौबे
