डिजिटल टीम, डेहरी ऑन सोन। सरकार ने कैमूर पहाड़ी स्थित चूना पत्थर क्षेत्रको वन्यजीव अभ्यारण्य से अलग करने अनुमति दे दी है। सेंचुरी एरिया से वन भूमि को अलग होने से यहां चूना पत्थर खनन की संभावना बढ़ गई है।
करवंदिया आदि क्षेत्रों में पत्थर खनन में हजारों लोगों को रोजगार मिले थे। वहीं अब नौहटटा प्रखंड की सेंचुरी एरिया से अलग होने पर चूना पत्थर खनन का रास्ता साफ हो गया है। इससे बिहार के अलावे निकटवर्ती झारखंड,उतर प्रदेश व मध्य प्रदेश आदि लोगों को रोजगार मिलेंगे। चूना पत्थर खनन के लिए कई कंपनियों को जिम्मेदारी मिल सकती है। सरकार के निर्देश पर जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी ने पिछले माह वन विभाग की भूमि को सेंचुरी एरिया से अलग करने के लिए प्रस्ताव भेजा था । उस प्रस्ताव पर सरकार ने 2225 हेक्टेयर भूमि को अलग करने की अनुमति दी है। छह अक्टूबर को राज्य स्तरीय बैठक में कैमूर पहाड़ी स्थित इस क्षेत्र को वन क्षेत्र से अलग करने की अनूमति दी गई। अनुमति मिलने के बाद संबंधित विभाग के पदाधिकारीयों ने उसे वन भुमि से अलग करने की कारवाई तेज कर दी है। कैमूर पहाड़ी स्थित सेंचुरी एरिया से वन भुमि को अलग करने से संबंधित सरकार द्वारा गजट प्रकाशित किया जाएगा। उम्मीद है कि एक सप्ताह के अंदर गजट का प्रकाशन होगा।इसके बाद अग्रेतर कारवाई होगी। ऐसे में इसी वितीय वर्ष में खनन संबंधित कारवाई शुरु होने की संभावना है। कैमूर पहाड़ी की रेहल , पिपराडीह, खुखमा, कुसुम्हा, सारोदाग आदि को सेंचुरी व वन भुमि से बाहर किया जाएगा।

