फतेहाबाद, 16 जनवरी (हि.स.)। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर अखिल भारतीय किसान सभा के प्रतिनिधियों ने शुक्रवार को जिले के कुलां चौक में एकत्र होकर केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन हाल ही में बिजली व बीज विधेयक 2025 और मनरेगा कानून में किए गए बदलावों के विरोधस्वरूप किया गया। इससे आक्रोशित किसानों ने कुलां चौक में नारेबाजी करते हुए उक्त बिलों की प्रतियां भी जलाईं और केंद्र सरकार से इन बिलों को वापस लेने की मांग की।अखिल भारतीय किसान सभा के तहसील सचिव केवल सिंह ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार की नीतियां किसान, मजदूर, दुकानदार व आम उपभोक्ता को सस्ती दरों पर मिलने वाली बिजली से उनको वंचित रखना है। सरकार की नियत बिजली को कारपोरेट घरानों को सौंपने, स्मार्ट मीटर लगाकर उपभोक्ताओं को प्रीपेड बिल के माध्यम से तंग करना है। उन्होंने कहा कि नए विधेयकों से बिजली बिल पर मिलने वाली सभी सब्सिडी खत्म कर दी जाएगी और बिजली आमजन की पहुंच से बाहर हो जाएगी। इसी तरह बीज बिल लागू होने से कृषि क्षेत्र में बिल बनाने वाले कारपोरेट घरानों का एकाधिकार स्थापित करके महंगे व प्रतिवर्ष नए बीज खरीदने से कृषि क्षेत्र तबाह करके उपजाऊ कृषि योग्य भूमि पर कब्जा करना है। इस दौरान अखिल भारतीय किसान सभा के अध्यक्ष अमर सिंह तलवाड़ा ने कहा कि मनरेगा कानून में किए बदलाव से इसे कमजोर या खत्म करने की आशंका है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका प्रभावित होगी। इसे लेकर किसान सभा द्वारा विरोध प्रदर्शन करते हुए इन विधेयकों की प्रतियां जलाकर इन्हें वापिस करने की मांग की गई हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / अर्जुन जग्गा
