लखनऊ, 16 जनवरी (हि.स.)। मकर संक्रांति के अवसर पर शुक्रवार को लखनऊ के पिपराघाट स्थित सालिग राम मंदिर एवं घाट परिसर में कर्तव्या फाउंडेशन तथा सालिग राम मंदिर व घाट ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में सुंदरकांड पाठ एवं समरसता भोज का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य सामाजिक समरसता, सकारात्मक परिवर्तन और समाज के उत्थान का संदेश देना रहा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत सह संपर्क प्रमुख डॉ. हरनाम सिंह ने कहा कि मकर संक्रांति सम्यक दिशा में परिवर्तन का पर्व है, जो समाज को हीनता से श्रेष्ठता और निराशा से आशा की ओर प्रेरित करता है। यह पर्व सामाजिक परिवर्तन का वाहक बने, इसी उद्देश्य से इस आयोजन का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि सूर्य के उत्तरायण होने से न केवल मौसम में, बल्कि मन और व्यवस्था में भी सकारात्मक परिवर्तन का संदेश मिलता है।
डॉ. सिंह ने कहा कि समाज से प्राप्त करने के साथ-साथ समाज को लौटाना ही वास्तविक दान है। दान से यह भाव जागृत होता है कि ईश्वर ने हमें दूसरों की सहायता के योग्य बनाया है। हिंदू समाज के उत्थान-पतन से ही देश का भविष्य जुड़ा है, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने आचरण को आदर्श बनाते हुए सामाजिक परिवर्तन का वाहक बनना चाहिए। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने शताब्दी वर्ष पर “पंच परिवर्तन” के माध्यम से समाज परिवर्तन के लक्ष्य के साथ कार्य कर रहा है।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से खिचड़ी ग्रहण कर सामाजिक समरसता का सशक्त संदेश दिया। कार्यक्रम का संचालन संघ के विभाग सेवा प्रमुख एवं कर्तव्या फाउंडेशन के अध्यक्ष सुभाष चंद्र अग्रवाल ने किया।
इस अवसर पर राम हौसला सिंह, विनोद सिंघल, श्रीमंदर अग्रवाल, अशोक बंसल, सतीश अग्रवाल, राजीव अग्रवाल, विनीत यादव, भाग प्रचार प्रमुख रमाकांत, कृष्ण मोहन, ललित मोहन, श्याम सुंदर, अरुण अग्रवाल, राजेश सिंह सहित फाउंडेशन एवं ट्रस्ट से जुड़े अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
—————
हिन्दुस्थान समाचार / Harsh Gautam
