पलामू, 17 जनवरी (हि.स.)। नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय (एनपीयू) के 17 वें स्थापना दिवस का आयोजन विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम हॉल में शनिवार को किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भौतिकी विभाग के सेवानिवृत शिक्षक डॉ केके मिश्रा रहे। कार्यक्रम की शुरुआत शहीद नीलांबर-पीतांबर के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुई।
मुख्य अतिथियों का सम्मान डॉ संगीता कुजूर शॉल, विश्वविद्यालय का प्रतीक चिन्ह भेंट कर किया गया। स्वागत भाषण में डीएसडब्ल्यू डॉ एसके पांडेय ने कहा कि विश्वविद्यालय 16 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा पूरी कर चुका है और शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण एवं राष्ट्र निर्माण करना है। सत्र को नियमित करने, समय पर नामांकन, परीक्षा और परिणाम देने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी एवं पीजी फर्स्ट सेमेस्टर की परीक्षा फरवरी में कराने की बात कही।
कुलसचिव डॉ नफीस अहमद ने कहा कि अल्प समय में ही एनपीयू 50 महाविद्यालयों के साथ एक वृहद विश्वविद्यालय के रूप में स्थापित हो चुका है। नए डिग्री कॉलेजों में नामांकन प्रक्रिया को और तेज किया जाएगा। विद्यार्थियों को व्यावसायिक पाठ्यक्रमों से जोड़ा जा रहा है। नौ टॉपर विद्यार्थियों को नए डिग्री कॉलेजों में पदस्थापित किया गया है, वहीं गोल्ड मेडलिस्ट विद्यार्थियों को अवसर देने को लेकर सूची भी जारी की गई है।
उन्होंने यूजीसी मानकों के अनुरूप कार्य, नए कॉलेजों में सोलर ऊर्जा की पहल और विश्वविद्यालय अंतर्गत विभिन्न कॉलेजों की प्रगति की जानकारी दी।
मुख्य अतिथि डॉ केके मिश्रा ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य असत्य से सत्य और अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ना है। विश्वविद्यालय की गरिमा बनाए रखने के लिए सभी को एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया।
वहीं कुलपति डॉ दिनेश कुमार सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय को सुदृढ़ बनाने के लिए शिक्षण, अनुसंधान और प्रशासन तीनों स्तरों पर निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। बहुत जल्द सत्र को पूरी तरह नियमित किया जाएगा। अनुसंधान के लिए आधारभूत संरचना विकसित करने और व्यवसायिक पाठ्यक्रमों को और अधिक मजबूत करने की दिशा में कार्य हो रहा है। उन्होंने मॉडल डिग्री कॉलेजों में टॉपर और गोल्ड मेडलधारी विद्यार्थियों को अवसर देने की भी बात कही।
कार्यक्रम के दौरान तीन पुस्तकों का लोकार्पण किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की आकर्षक प्रस्तुतियां हुईं और प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरित किया गया। संचालन डॉ भावना सिंह औरडॉ संजय बाड़ा ने संयुक्त रूप से किया।
मौके पर एनपीयू के डीएसडब्ल्यू डॉ एसके पांडेय, सीसीडीसी डॉ मनोरमा सिंह सहित विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्य, विश्वविद्यालय के शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मी सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे
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हिन्दुस्थान समाचार / दिलीप कुमार
