फर्रुखाबाद, 18 जनवरी (हि.स.)। मेला रामनगरिया के सांस्कृतिक पंडाल में लोकतंत्र सेनानी सम्मेलन, गंगा प्रदूषण निवारण एवं पर्यावरण गोष्ठी का आयोजन रविवार को किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री सुधीर बालियान एवं विशिष्ट अतिथि जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता आपातकाल लोकतंत्र सेनानी समिति के प्रदेश अध्यक्ष ब्रज किशोर मिश्र एडवोकेट ने की। कार्यक्रम के अंत में समस्त लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित भी किया गया। प्रदेश अध्यक्ष बृजकिशोर मिश्रा को जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने सम्मानित किया।
गोष्ठी के प्रारंभ में दिवंगत लोकतंत्र सेनानियों के लिए दाे मिनट का मौन रखकर उनके प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की गई। मुख्य अतिथि सुधीर बालियान ने गोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों की अहमियत लोकतंत्र सेनानियों से बेहतर कोई नहीं समझ सकता। लोकतंत्र सेनानियों को अनेकों प्रकार की अमानवीय यातनाएं देकर आन्दोलन को कमजोर करने का प्रयास किया, किन्तु लोकतंत्र सेनानियों ने तानाशाह को उखाड़ के ही दम लिया। सत्ता के दमन के आगे न झुकने वाले लोकतंत्र सेनानी आज के युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत है।
कार्यक्रम संयोजक ब्रज किशोर मिश्र एडवोकेट ने कहा कि 25 जून 1975 को आजाद भारत एक बार फिर आंतरिक गुलामी की बेड़ियों में जकड़ गया था। उन्होंने कहा तानाशाही सरकार ने न अपील, न वकील, न दलील के सिद्धांत पर आपातकाल का विरोध करने वाले समस्त राजनेताओं, विद्यार्थियों को जेल की काल कोठरियों में डाल दिया, किन्तु सात ताली के भीतर कुम्भकरणी नींद सोयी सरकार को उखाड़ फेंकने की कसम खा चुके लोकतंत्र रक्षक हटे नहीं, डिगे नहीं, डटे रहे।
गंगा में होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि औद्योगिक इकाईयों से छोड़े जाने वाला औद्योगिक कचरा प्रदूषण के मुख्य कारण है जिन पर रोक लगाना अत्यंत आवश्यक है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने गंभीर प्रदूषण फैलाने वाले जिन उद्योगों की पहचान की है उन पर सरकार को सख्ती से कार्यवाही करनी चाहिए।
इस अवसर पर जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों ने यह सिद्ध कर दिया कि संविधान केवल कागज नहीं बल्कि जनता कि चेतना है और ऐसे कार्यक्रमों से लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूती मिलती है। उन्होंने मां गंगा के जल कि शुद्धता को लेकर कहा कि भारत में अनादिकाल से ही गंगा जीवनदायिनी रही है। माँ शांतिदायिनी रही है, माँ गंगा भारतीय संस्कृति, सभ्यता और अस्मिता की प्रतीक रही है। माँ गंगा की स्वच्छता को लेकर केंद्र सरकार और राज्य सरकार लगातार बड़े कदम उठा रही है, फलस्वरूप गंगा जल की शुद्धता में दिनो दिन सुधार हो रहा है।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रांतीय शारीरिक प्रमुख प्रवेश जी ने कहा कि अहिंसक आन्दोलन कर जेल जाने वाले लोगों को रात-रात भर बर्फ की सिल्लियों से बांध कर लिटाया, नाखूनों में कील ठोंकना, पत्नी से उल्टा मरवाने जैसी न जाने कितनी ही अमानवीय यातनाएं लोकतंत्र रक्षक तथा अन्य अनेकों लोकतंत्र समर्थक राजनैतिक बंदियों को आपातकालीन अवधि में दी गई। आरएसएस के विभाग प्रचारक राहुल जी ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों ने आपातकाल के दौरान जेल कि यातनाओं के पीछे श्री लोकतंत्र को भूलने नहीं दिया। नई पीढ़ी के लिए यह जानना जरुरी है।
भारत साधुग्राम शिवशक्ति समिति के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आशीष बाजपेयी ने कहा कि गंगा की अविरल और निर्मल धारा निरंतर रहेना ही सच्चा भारतीय संस्कृति की रक्षा ही नहीं भगवती कि गंगा की स्वच्छता हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / Chandrapal Singh Sengar
