
अनियंत्रित संचालन, मनमाना किराया और भारी ई-चालान से ऑटो चालक आक्रोशित
धमतरी, 19 जनवरी (हि.स.)। ऑटो ऑनर्स एसोसिएशन धमतरी के सदस्यों ने सोमवार को अपनी सात सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट का घेराव किया। सुबह 11 बजे बस स्टैंड से रैली के रूप में निकले ऑटो चालक घड़ी चौक, रखाबांधा चौक, अंबेडकर चौक और गोकुलपुर कर्मा चौक होते हुए जनपद कार्यालय से कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान एसोसिएशन के सदस्य कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की मांग पर अड़े रहे।
मौके पर सिटी पुलिस अधीक्षक अभिषेक चतुर्वेदी ने प्रदर्शनकारियों को समझाइश देते हुए आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद प्रदर्शन शांत हुआ।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि शहर में ई-रिक्शा का संचालन पूरी तरह अनियंत्रित हो गया है। रुद्री रोड, अंबेडकर चौक से बस स्टैंड तथा लक्ष्मी निवास चौक से कलेक्ट्रेट तक ई-रिक्शा द्वारा निर्धारित किराये से दोगुना वसूली की जा रही है। ऑटो चालक जहां 10 रुपये किराया लेते हैं, वहीं ई-रिक्शा चालक अधिक रुपये वसूल रहे हैं। अग्निवीर भर्ती के लिए आने वाले युवाओं से भी मनमाना किराया लिया जा रहा है। एसोसिएशन का आरोप है कि अधिकांश ई-रिक्शा के पास न तो लाइसेंस है, न बीमा और न ही फिटनेस प्रमाणपत्र, फिर भी शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही। उल्टे ऑटो चालकों को धमकियां दी जाती हैं।
प्रदर्शन के दौरान कार्यवाहक अध्यक्ष साहिल अहमद, अमजद रजा, अबरार अली, योगेश साहू, शैलेंद्र पंकज, राजकुमार साहू, घनश्याम साहू, कृष्ण साहू, भोजराम साहू सहित बड़ी संख्या में ऑटो चालक उपस्थित रहे। ऑटो ऑनर्स एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि ऑटो चालकों पर 50 हजार से लेकर डेढ़ लाख रुपये तक के ई-चालान काटे जा रहे हैं, जबकि ई-रिक्शा चालकों के पास वाहन के दस्तावेज नहीं होने के बावजूद उन पर चालानी कार्रवाई नहीं होती। इसे लेकर जिला परिवहन विभाग पर पक्षपात का आरोप लगाया गया।
जिले में ही फिटनेस सुविधा की मांग
ऑटो चालकों ने धमतरी में फिटनेस प्रक्रिया बंद होने पर नाराजगी जताई। फिटनेस बनवाने के लिए रायपुर और दुर्ग तक 70–80 किमी दूर जाना पड़ रहा है, जहां यातायात पुलिस द्वारा चालानी कार्रवाई से परेशानियों का सामना करना पड़ता है। एसोसिएशन ने जिले में ही वाहन संबंधी दस्तावेज बनाने की सुविधा शुरू करने की मांग की। इसी तरह अन्य मांग है। बस स्टैंड के पीछे स्थित राइस मिलों से उड़ने वाली राख से आमजन को हो रही परेशानी पर रोक। ई-रिक्शा द्वारा स्कूल बच्चों के परिवहन पर तत्काल प्रतिबंध। हाल ही में जैन सुपर बाजार के पास ई-रिक्शा से हुई दुर्घटना का हवाला देते हुए कार्रवाई की मांग। बिना लाइसेंस ई-रिक्शा की बिक्री पर रोक लगाने हेतु शोरूम संचालकों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
पुरानी गाड़ी, भारी चालान
ऑटो चालक योगेश साहू ने बताया कि उनकी पुरानी गाड़ी की कीमत मात्र 25 हजार रुपये है, जबकि उस पर एक लाख 42 हजार रुपये का चालान थमा दिया गया है, जो उनके लिए असहनीय है।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा
