गुवाहाटी, 26 जनवरी (हि.स.)। असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने कहा है कि राज्य में अब तक लगभग 1.7 लाख लोगों को अवैध विदेशी घोषित किया जा चुका है, जिनमें से 467 लोगों को निर्वासन प्रक्रिया के तहत उनके देशों में वापस भेजा गया है।

गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि राज्य सरकार कानूनी और संस्थागत तंत्र के माध्यम से अवैध आप्रवासन की समस्या से लगातार निपट रही है।
उन्होंने बताया कि असम ने स्थापना काल से लेकर पिछले वर्ष 31 अक्टूबर तक संदिग्ध राष्ट्रीयता के लगभग 4.35 लाख मामलों को विदेशियों के ट्रिब्यूनल के पास भेजा। इनमें से 3.5 लाख से अधिक मामलों का निपटारा किया जा चुका है, जिसके परिणामस्वरूप करीब 1.7 लाख लोगों को अवैध विदेशी घोषित किया गया।
राज्यपाल ने कहा कि भारत-बांग्लादेश सीमा पर कछार, श्रीभूमि, धुबड़ी और दक्षिण सालमारा जिलों में चार सीमा चौकियां और 14 गश्ती चौकियां बीएसएफ और स्थानीय पुलिस के सहयोग से सक्रिय हैं। इन व्यवस्थाओं ने अवैध घुसपैठ और सीमा पार अपराधों के खिलाफ दूसरी सुरक्षा पंक्ति को मजबूत किया है।
कानून-व्यवस्था की स्थिति पर बोलते हुए आचार्य ने कहा कि असम ने तीन नए आपराधिक कानूनों भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के कार्यान्वयन में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी भूमिका निभाई है।
उन्होंने बताया कि नवंबर 2025 में हुई 29वीं राज्य स्तरीय अपराध समीक्षा बैठक में सुधार के संकेत मिले हैं। प्रति लाख आबादी अपराध दर 2021 में 379 से घटकर 2025 में 121.6 हो गई। महिलाओं के खिलाफ अपराध 2024 के 10,546 मामलों से घटकर 2025 में 4,426 रह गए।
राज्यपाल ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय की जेल आधुनिकीकरण परियोजना के तहत कामरूप जिले के हाजो में 150 कैदियों की क्षमता वाली हाई-सिक्योरिटी जेल का निर्माण कार्य जारी है।————-
हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय
