भोपाल, 26 जनवरी (हि.स.)।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने गणतंत्र दिवस के प्रसंग में लोकभवन में बने ओपन थिएटर में प्रदर्शित विभिन्न विषयों पर आधारित लघु फिल्मों को ध्यानपूर्वक देखा और उनके माध्यम से जनहित से जुड़े संदेशों की सराहना की। उन्होंने कहा कि लघु फिल्मों के माध्यम से इतिहास, सामाजिक विषयों और शासकीय प्रयासों को सरल और प्रभावी रूप में आमजन तक पहुँचाया जा सकता है।
राज्यपाल मंगूभाई पटेल के निर्देशानुसार लोकभवन को 25 जनवरी से 27 जनवरी 2026 तक आम नागरिकों के लिए दर्शनार्थ खोला गया है। इन तीनों दिनों में बड़ी संख्या में नागरिक लोकभवन की ऐतिहासिकता, प्राकृतिक सौंदर्य एवं विशेष सजावट को करीब से देख रहे हैं। गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में लोकभवन को आकर्षक ढंग से सजाया गया है, जोकि आगंतुकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
उल्लेखनीय है कि लोकभवन परिसर में आमजन के लिए तीन दिन की अवधि के लिए एक अस्थायी ओपन थिएटर का निर्माण किया गया है। नागरिकों के भ्रमण के दौरान इस ओपन थिएटर में विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर आधारित लघु फिल्मों का क्रमिक प्रदर्शन किया जा रहा है, जिससे लोग न केवल मनोरंजन प्राप्त कर रहे हैं, बल्कि प्रदेश के इतिहास, संस्कृति और विकास से भी परिचित हो रहे हैं।
ओपन थिएटर में महान जननायक भगवान बिरसा मुण्डा के जीवन और उनके ऐतिहासिक जनआंदोलन पर आधारित फिल्म “उलगुलान (एक आंदोलन)” प्रमुख रूप से प्रदर्शित की जा रही है। इसके अतिरिक्त सरकार द्वारा सिकल सेल उन्मूलन के लिए किए जा रहे प्रयासों पर आधारित फिल्म, राजभवन से लोकभवन की यात्रा, स्वतंत्रता संग्राम के रणबांकुरे, संकल्पसिद्ध-कर्मसिद्ध राज्यपाल तथा मध्यप्रदेश की उपलब्धियों पर केंद्रित अन्य लघु फिल्मों का प्रदर्शन भी किया जा रहा है।
इन फिल्मों के माध्यम से नागरिकों को स्वतंत्रता संग्राम, सामाजिक न्याय, जनजातीय चेतना, स्वास्थ्य जागरूकता और प्रदेश के समग्र विकास की जानकारी मिल रही है। लोकभवन भ्रमण पर आए नागरिक इस पहल की सराहना करते हुए इसे ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायी बता रहे हैं। राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने इस अवसर पर कहा कि गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर लोकभवन को आमजन के लिए खोलना लोकतंत्र और जनभागीदारी की भावना को सशक्त करता है। इस तरह के आयोजन नागरिकों को संविधान के मूल्यों, इतिहास और विकास की यात्रा से जोड़ने का एक सार्थक प्रयास हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. मयंक चतुर्वेदी
