शिमला, 27 जनवरी (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर मौसम ने करवट ली है। लाहौल-स्पीति, किन्नौर और कुल्लू जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में बीती रात से तेज बर्फबारी जारी है। इससे ठंड का प्रकोप बढ़ गया है और जनजीवन पर दोबारा असर पड़ने की आशंका है। शिमला और मनाली में बादल छाए हैं, जबकि मैदानी इलाकों में हल्की बूंदाबांदी और बादलों का डेरा है।
लाहौल-स्पीति घाटी में लगातार हो रही बर्फबारी से तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार लाहौल-स्पीति के गोंदला में 22 सेंटीमीटर, कुकुमसेरी में 21 सेंटीमीटर, कुल्लू जिले के कोठी में 20 सेंटीमीटर, कोकसर में 19 सेंटीमीटर, हंसा में 15 सेंटीमीटर और केलंग में 12 सेंटीमीटर बर्फबारी दर्ज की गई है। वहीं किन्नौर जिले के कल्पा में 5 सेंटीमीटर और सांगला में करीब 2 सेंटीमीटर हिमपात हुआ है। किन्नौर में भी कल रात से हल्का हिमपात जारी रहने की सूचना है।
पिछले दिनों हुई भारी बर्फबारी के बाद घाटी में हालात सामान्य करने की कोशिशें चल ही रही थीं कि ताजा हिमपात ने एक बार फिर लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सीमा सड़क संगठन की कड़ी मशक्कत के बाद दारचा से अटल टनल रोहतांग तक सड़क मार्ग को स्नो-चेन लगे फोर-बाय-फोर वाहनों के लिए बहाल किया गया था। तांदी-तिन्दी सड़क भी इसी शर्त पर खुली हुई है, लेकिन दारचा से शिंकुला मार्ग को भारी बर्फबारी के चलते आगामी आदेश तक पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
मौसम के बिगड़ते मिजाज को देखते हुए कुल्लू जिले के मनाली और बंजार उपमंडल में आज 27 जनवरी को सभी शैक्षणिक संस्थान बंद रखने का फैसला लिया गया है। प्रशासन का कहना है कि संभावित भारी बर्फबारी को देखते हुए छात्रों की सुरक्षा के मद्देनज़र यह निर्णय लिया गया है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने आज के लिए प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बर्फबारी, वर्षा, ओलावृष्टि और तूफान का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार कुछ स्थानों पर 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है। आज किन्नौर, लाहौल-स्पीति के साथ-साथ चंबा, कांगड़ा और कुल्लू के ऊंचे इलाकों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी तथा एक-दो स्थानों पर भारी हिमपात की संभावना जताई गई है। पर्यटकों को ऊंचाई वाले इलाकों में न जाने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग का कहना है कि 28 जनवरी को भी ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम खराब बना रह सकता है, हालांकि इस दिन कोई औपचारिक अलर्ट जारी नहीं किया गया है। 29 जनवरी को मौसम के साफ रहने की संभावना है, लेकिन 30 जनवरी से 2 फरवरी के बीच एक और पश्चिमी विक्षोभ के असर से फिर मौसम बिगड़ सकता है। इसके अलावा 27 से 30 जनवरी के बीच कुछ स्थानों पर घने कोहरे और शीतलहर की चेतावनी भी दी गई है।
राज्य में हाल ही में 23 और 24 जनवरी को हुई भारी बर्फबारी से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया था। उस दौरान प्रदेश भर में 500 से अधिक सड़कें बंद हो गई थीं और 1000 से ज्यादा बिजली ट्रांसफार्मर खराब होने से कई इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी। पिछले दो दिनों तक मौसम खुलने पर प्रशासन ने अधिकांश सड़कों को बहाल किया और ट्रांसफार्मरों को फिर से चालू किया, जिससे हालात कुछ हद तक सुधरे थे। शिमला शहर से ऊपरी इलाकों के लिए यातायात भी सुचारू हो गया था।
हालांकि ताजा बर्फबारी से दुश्वारियां फिर बढ़ने की आशंका है। इस बीच बर्फ देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक शिमला और मनाली पहुंच रहे हैं, जिससे इन पर्यटन स्थलों पर भीड़ बढ़ गई है। मौसम बदलने से शीतलहर का असर फिर तेज हो गया है। प्रदेश में चार स्थानों पर न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे दर्ज किया गया है। कल्पा में न्यूनतम तापमान माइनस 1.2 डिग्री सेल्सियस रहा। मनाली में न्यूनतम तापमान 0.6 डिग्री और शिमला में 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा
