नूंह, 27 जनवरी (हि.स.)। ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून मनरेगा को कथित रूप से कमजोर किए जाने के विरोध में नूंह जिला कांग्रेस ने ‘मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान’ की शुरुआत कर दी है। इस अभियान के तहत मंगलवार को नूंह विधानसभा क्षेत्र के पांच ग्राम पंचायतों में चौपाल और जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां पार्टी नेताओं ने ग्रामीणों से संवाद कर मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में बहाल करने की मांग उठाई।

इस मुद्दे को लेकर नूंह जिला मुख्यालय पर प्रेस वार्ता में पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाए गए ‘वीबी-जी राम जी’ कानून को तुरंत वापस लिया जाए और मनरेगा को अधिकार-आधारित कानून के रूप में पुनः बहाल किया जाए।

उन्होंने कहा कि मनरेगा ग्रामीण गरीबों के लिए आजीविका का मजबूत सहारा है और इसे कमजोर करना सीधे तौर पर गांवों की अर्थव्यवस्था पर चोट है। उन्होंने काम के अधिकार और पंचायतों के अधिकार बहाल करने की भी मांग की। पूर्व मंत्री एवं नूंह विधायक आफताब अहमद ने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस संघर्ष को तब तक जारी रखेगी, जब तक काम, आजीविका और जवाबदेही के अधिकार की बहाली नहीं हो जाती।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण मनरेगा की प्रभावशीलता प्रभावित हुई है, जिससे ग्रामीण मजदूरों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। नूंह कांग्रेस जिला अध्यक्ष शहीदा खान ने कहा कि ‘वीबी-जी राम जी’ कानून को पूरी तरह वापस लिया जाना चाहिए और मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में लागू किया जाए। उन्होंने बताया कि जहां कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन दिल्ली केंद्रित था, वहीं मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान को पंचायत और ब्लॉक स्तर पर चलाया जा रहा है, ताकि सीधे ग्रामीणों तक पहुंचकर उनकी आवाज को बुलंद किया जा सके।
अभियान के दौरान कांग्रेस नेताओं ने ग्रामीणों से संवाद कर मनरेगा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की और उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया। पार्टी नेताओं का कहना है कि आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज किया जाएगा तथा अधिक गांवों तक पहुंच बनाई जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल मोहानिया
