झज्जर, 27 जनवरी (हि.स.)। सप्ताह में सात कार्य दिवस ही बैंक खोलने की मांग को लेकर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में मंगलवार को कर्मचारी हड़ताल पर रहे। जिले में सार्वजनिक क्षेत्र के 12 बैंकों की सभी शाखाओं में कामकाज ठप रहा। जिससे जिलाभर में 300 करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन नहीं हो पाया।

पांच दिन का कार्य सप्ताह लागू करने की मांग को लेकर बैंक कर्मचारियों की हड़ताल से उपभोक्ताओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सार्वजनिक क्षेत्र के सभी बैंकों के बाहर तक काफी संख्या में उपभोक्ता पहुंचते रहे लेकिन बैंकों के बाहर हड़ताल के नोटिस देखकर सबको निराश लौटना पड़ा। जो उपभोक्ता नेट बैंकिंग जैसी सुविधाओं का इस्तेमाल करने में समर्थ हैं उन्होंने अपना कुछ काम चला लिया। लेकिन कम पढ़े-लिखे और इन सेवाओं का प्रयोग न करने वाले उपभोक्ताओं को अधिक परेशानी हुई। बैंक कर्मचारियों की हड़ताल के कारण स्थानीय अर्थव्यवस्था भी प्रभावित हुई। झज्जर जिले में लगभग 90 बैंक कर्मचारियों ने हड़ताल में भाग लिया, जिससे करोड़ों रुपए का लेन-देन प्रभावित हुआ। झज्जर में बैंक कर्मचारियों ने प्रदर्शन भी किया। बहादुरगढ़, बादली और दादरी तोए क्षेत्र में स्थित बैंकों में हजारों औद्योगिक इकाइयां बड़ी राशि का लेनदेन करती है। इसके अतिरिक्त दूसरे उपभोक्ता भी करोड़ों रुपये का लेनदेन करते हैं। उद्यमियों, व्यापारियों, कर्मचारी व अन्य घरेलू उपभोक्ताओं को नकद राशि निकालने, चेक क्लियर, करवाने, बैंक का डिमांड ड्राफ्ट बनवाने, ऋण प्रक्रिया व दूसरे आवश्यक बैंकिंग कार्यों में दिक्कत हुई। बैंक का कर्मचारी ओमप्रकाश ने कहा कि सप्ताह में छह दिन काम करने से बैंक कर्मचारियों को बहुत परेशानी होती है। सभी कर्मचारी मानसिक रूप से बहुत थक जाते हैं। इसलिए सप्ताह में केवल पांच दिन ही बैंकों को खोलने की मांग कर रहे हैं। सरकार के अधिकतर विभागों में यह व्यवस्था पहले से ही चल रही है। बैंकों में भी होनी चाहिए। जिससे बैंक कर्मचारियों की कार्य क्षमता भी बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि युनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन के बीच इस विषय को लेकर आठ मार्च 2024 को हुए समझौते को केंद्र सरकार ने अब तक लागू नहीं किया है। श्रम आयुक्त के साथ हुई बैठक से भी कोई परिणाम नहीं निकला। मजबूर होकर बैंक कर्मचारियों को हड़ताल करनी पड़ी।

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हिन्दुस्थान समाचार / शील भारद्वाज
