फर्रुखाबाद, 27 जनवरी(हि.स.)। उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जनपद में व्यापारियों के हितों को लेकर उद्योग व्यापार मंडल ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को सम्बोधित ज्ञापन मंगलवार काे नगर मजिस्ट्रेट संजय कुमार को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि उद्योग एवं व्यापार वर्ग स्वतंत्रता के बाद से आज तक निरंतर देश की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने, रोजगार सृजन करने तथा सरकार के राजस्व में महत्वपूर्ण योगदान देता आ रहा है। वर्तमान समय में बढ़ती महंगाई, ऊंची ब्याज दरें, जटिल नियम-कानून एवं साइबर अपराध जैसी समस्याओं के कारण व्यापारी एवं उद्यमी वर्ग गंभीर संकट का सामना कर रहा है। केंद्रीय बजट 2026-27 में उद्योग एवं व्यापार के हित में जरूरी प्रस्तावों पर विचार किया जाए।

उद्योग एवं व्यापार के लिए दिए जा रहे बैंक ऋणों की वर्तमान ऊंची ब्याज दरों में कटौती किए जाने का प्रस्ताव लागू किया जाए। व्यापारी एवं उद्यमियों के ऋण खाते मात्र तीन माह की किस्त/ब्याज जमा न होने पर एनपीए घोषित क दिए जाते हैं, जिससे चलता हुआ व्यापार एवं उद्योग बंद हो जाता है। एनपीए घोषित करने की समय सीमा 3 माह से बढ़ाकर कम से कम 6 माह की जाए तथा एनपीए होचुके खातों के लिए विशेष पुनर्स्थापना योजना लागू की जाए। देशभर में अनेक औद्योगिक एवव्यावसायिक गतिविधियों आवासीय क्षेत्रों में विगत कई वर्षों से जीएण पंजीकरण, कमर्शियल विद्युत कनेक्शन एवं अन्य सभी वैधानिक लाइसेंस प्राप्त कर विधिवत रूप से संचालित है। इसके बावजूद नगर निगम, विकास प्राधिकरण एवं अन्य विभागों द्वारा उन्हें सील करने अथवा ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है, जो अत्यंत अन्यायपूर्ण है। यह आवश्यक है कि पूर्व से संचालित सभी औद्योगिक एवं व्यावसायिक गतिविधियों को स्थायी वैधानिक मान्यता प्रदान करने के लिए एक राष्ट्रीय नीति बनाई जाए तथा ऐसी दमनात्मक एवं मनमानी कार्यवाहियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए।

जीएसटी के अंतर्गत वर्तमान में उपलब्ध दुर्घटना बीमा 10 लाख तक सीमित है, जिसे संशोमित करते हुए किसी भी कारण से होने वाली मृत्यु की स्थिति में 10 लाख का बीना लाभ पंजीकृत व्यापारी उन्ही को प्रदान किए जाने का प्रावधान किया जाए। बढ़ते हुए साइबर अपराध को रोकने के लिए एक सशक्त, प्रभावी एवं व्यापारी हितैषी राष्ट्रीय कार्य योजना लागू की जाए। साइबर अपराध की स्थिति में यदि कोई अपराधी व्यापारी से खरीदारी कर भुगतान करता है, तो संबंधित व्यापारी का बैंक खाता फ्रीज कर दिया जाता है, व्यापारी का इसमें कोई अपराध नहीं होता। अपराधी के अतिरिक्त किसी निर्दोष व्यापारी का खाता फ्रीज न किया जाए। ऐसी स्पष्ट व्यवस्था लागू की जाए। वृद्ध व्यापारियों के जीवन यापन के लिए न्यूनतम 40,000 रुपये प्रतिमाह पेंशन योजना लागू की जाए। जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों को डिजिटल कार्यों हेतु लैपटॉप एवं आवश्यक साफ्टवेयर निःशुल्क उपलब्ध कराए जाएं। जीएसटी में विलंब से भुगतान पर 18% ब्याज लिया जा रहा है, जिसे घटाकर अधिकतम 6% किया जाए। जीएसटी अधिनियम में दंडात्मक प्रावधानों के अंतर्गत जेल की सजा को समाप्त किया जाए तथा इसे केवल आर्थिक दंड तक सीमित किया जाए। वाहन खरीदते समय एक और रोड टैक्स और दूसरी ओर पूरे देश में टोल टैक्स वसूला जा रहा है, जो दोहरा कर है।वाहन पंजीकरण पर लिया जाने वाला रोड टैक्स एवं व्यावसायिक वाहनों से वार्षिक रोड टेक्स समाप्त किया जाए। वर्तमान में आयकर अधिनियम के अंतर्गत कंपनियों पर लगभग 25% की दर से आयकर लगाया जा रहा है। जबकि साझेदारी फर्मों पर 30% की उच्च दर से आयकर देय है। वास्तविकता यह है कि साझेदारी फर्म मुख्यतः छोटे एवं मध्यम स्तर के व्यापारियों एवं उद्यमियों द्वारा संचालित की जाती है। छोटे एवं मध्यम व्यापारियों को प्रोत्साहन देने तथा उन्हें औद्योगिक विकास की मुख्यधारा से जोड़ने हेतु साझेदारी फर्मों पर आयकर की दर घटाकर अधिकतम 20% किया जाना अत्यंत आवश्यक है।
सरकारद्वारा जीएसटी में 12% एवं 20% कीमत किए जाने के पश्चात व्यापारीद्वारा पूर्व एवं जीएसटी पर खरीदे गए मालकाचेवना पड़ रहा है, जिससे व्यापारियों को भारी वित्तीय नुकसान पड़ रहा है। इस कारण व्यापारियों का लगभग 75% 10% तक का इनपुट टैक्स किट विभाग के पोर्टल पर लंबित पढ़ा हुआ है। उनकी कार्यशील पूंजी को बाधित कर रहा है। यह अत्यंत आवश्यक है कि उक्त लंबित आईटीसी राशि को बिना किती विलंब के संबंधित व्यापारियों के बैंक खातों में तत्काल रिफंड ट्रांसफर करने की व्यवस्था लागू की जाए।
उपरोक्त सभी मांगें देश के करोड़ों व्यापारियों एवं उद्यमियी के अस्तित्व सम्मान एवं आय साधन से जुड़ी हुई है। यदि इन प्रस्तावों को केंद्रीय बजट 2026-27 में शामिल किया जाता है तो इससे न केवल व्यापार जगत को राहत मिलेगी बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्राप्त होगी। इस मौके पर शिवांग रस्तोगी,
अभद्र कठेरिया, मनोज कौशल, अमित सेठ, संजय गुप्ता, विशाल गुप्ता, मधू गंगवार, रश्मि दुबे, संजीय अग्रवालआदि व्यापारी नेता मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Chandrapal Singh Sengar
