शिमला, 27 जनवरी (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर बर्फबारी ने जनजीवन को मुश्किल में डाल दिया है। लाहौल-स्पीति, किन्नौर, कुल्लू और शिमला जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में जारी हिमपात के चलते सड़क, बिजली और सामान्य आवाजाही पर असर पड़ा है। ताजा बर्फबारी से जहां लाहौल-स्पीति और कुल्लू जिला के कुल्लू, बंजार व मनाली उपमंडलों में बुधवार को शिक्षण संस्थान बंद कर दिए गए हैं, वहीं अप्पर शिमला क्षेत्र में सड़कें अवरुद्ध होने से आवाजाही बाधित हुई है।

शिमला से सटे पर्यटन स्थलों कुफ़री और नारकण्डा में भी बर्फ गिरी। इससे शिमला-रामपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-05) भी बाद दोपहर कुफरी में दोबारा बंद करना पड़ा है। पिछले कुछ दिनों में मौसम खुलने पर इस राष्ट्रीय राजमार्ग को बहाल किया गया था, लेकिन दोबारा बर्फबारी ने प्रशासन की कोशिशों पर पानी फेर दिया है। सड़क बंद होने से सेब उत्पादक क्षेत्रों और दूरदराज के इलाकों में आवाजाही प्रभावित हो रही है। प्रशासन द्वारा सड़क को बहाल करने का कार्य जारी है।

शिमला जिले के चौपाल क्षेत्र में भी लगातार बर्फबारी जारी है। इसके चलते चौपाल-देहा-शिमला मुख्य मार्ग को एक बार फिर वाहनों की आवाजाही के लिए बंद कर दिया गया है। सड़क पर बर्फ जमने और फिसलन बढ़ने के कारण प्रशासन ने एहतियातन यातायात रोक दिया है। चौपाल और आसपास के गांवों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है और लोगों को जरूरी कामों के लिए भी आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
लाहौल-स्पीति में हालात सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। जिले में लगातार हो रही भारी बर्फबारी के कारण जनजीवन लगभग ठहर सा गया है। घाटी के भीतर कई संपर्क सड़कें बंद हैं और गांवों का आपसी संपर्क प्रभावित हुआ है। मौसम की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए जिले के सभी शिक्षण संस्थानों को बंद रखने का फैसला किया है। स्कूलों के साथ-साथ कॉलेज, आईटीआई, पॉलिटेक्निक और आंगनबाड़ी केंद्र 28 जनवरी तक बंद कर दिए गए हैं, ताकि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
मौसम विभाग के अनुसार लाहौल-स्पीति के कई हिस्सों में भारी हिमपात दर्ज किया गया है। ताजा बर्फबारी से तापमान में तेज गिरावट आई है, जिससे कड़ाके की ठंड पड़ रही है। घाटी में बिजली और संचार सेवाएं भी कई जगह प्रभावित हुई हैं। सीमा सड़क संगठन और लोक निर्माण विभाग की टीमें बर्फ हटाने के काम में जुटी हैं, लेकिन लगातार हो रहे हिमपात के कारण बहाली कार्य में मुश्किलें आ रही हैं।
किन्नौर और कुल्लू जिले के ऊंचे इलाकों में भी बर्फबारी का असर देखने को मिल रहा है। किन्नौर के कल्पा, सांगला और आसपास के क्षेत्रों में हल्का से मध्यम हिमपात हुआ है। कुल्लू जिले के मनाली और आसपास के ऊंचाई वाले इलाकों में भी मौसम खराब बना हुआ है। खराब मौसम के चलते कई ग्रामीण सड़कों पर यातायात बाधित है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी, बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार कुछ स्थानों पर 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही शीतलहर और घने कोहरे का असर भी आने वाले दिनों में देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम खराब बना रह सकता है और लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
पिछले सप्ताह हुई भारी बर्फबारी के बाद प्रशासन ने बड़ी मशक्कत से सड़कों को बहाल किया था और बिजली आपूर्ति को भी धीरे-धीरे सामान्य किया गया था। लेकिन ताजा हिमपात से हालात फिर बिगड़ने लगे हैं। प्रदेश में कई सड़कें एक बार फिर बंद हो गई हैं, जिससे राहत कार्यों और रोजमर्रा की गतिविधियों पर असर पड़ा है।
मौसम विभाग के अनुसार 28 जनवरी को भी ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम खराब बना रह सकता है, हालांकि इस दिन कोई औपचारिक अलर्ट जारी नहीं किया गया है। 29 जनवरी को मौसम के साफ रहने की संभावना है, लेकिन 30 जनवरी से 2 फरवरी के बीच एक और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से फिर मौसम बिगड़ सकता है। इसके अलावा 27 से 30 जनवरी के बीच कुछ स्थानों पर घने कोहरे और शीतलहर की चेतावनी भी दी गई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा
