काबुल, 27 जनवरी (हि.स.)। संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों ने अफगानिस्तान में बच्चों और खासकर लड़कियों की शिक्षा की स्थिति पर गंभीर चिंता जताते हुए शिक्षा के अधिकार की रक्षा की अपील की है। यूनिसेफ के अनुसार अफगानिस्तान में 10 वर्ष की उम्र के 90 प्रतिशत से अधिक बच्चे एक साधारण पाठ भी पढ़ने में सक्षम नहीं हैं, जो देश की शिक्षा व्यवस्था के गहरे संकट को दर्शाता है।

स्थानीय मीडिया के हवाले से बताया गया कि तालिबान के अगस्त 2021 में सत्ता में आने के बाद से स्कूलों के बंद होने, योग्य शिक्षकों की कमी और पाठ्यक्रम संबंधी सीमाओं के कारण शिक्षा व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। यूनिसेफ और यूनेस्को की संयुक्त रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 22 लाख किशोर लड़कियां शिक्षा से पूरी तरह वंचित हैं।

यूनिसेफ ने चेतावनी दी कि यदि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और प्रारंभिक शिक्षा, साक्षरता व गणितीय कौशल में निवेश नहीं किया गया, तो पीढ़ी दर पीढ़ी निरक्षरता का संकट और गहराएगा। हाल ही में काबुल सहित कई इलाकों की लड़कियों ने तालिबान से स्कूल और विश्वविद्यालय दोबारा खोलने की अपील की है, ताकि वे भी समाज में सकारात्मक भूमिका निभा सकें।
उल्लेखनीय है कि तालिबान ने छठी कक्षा के बाद लड़कियों की शिक्षा पर प्रतिबंध लगा रखा है, जिससे लाखों छात्राओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है।
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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय
