

जयपुर 28 जनवरी (हि.स.)। सोलहवीं राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन कांग्रेस विधायकों ने मनरेगा बचाने की मांग को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विधानसभा तक पैदल मार्च निकाला। कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा के गेट पर अलग अंदाज में प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के साथ कांग्रेस विधायक गैंती, तगारी और फावड़े लेकर विधानसभा के गेट पर पहुंचे और नारेबाजी करते हुए मनरेगा में किए गए संशोधन को वापस लेने की मांग की। विधानसभा गेट पर सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक लिया। बाद में कांग्रेस नेता बिना गैंती-फावड़े विधानसभा में दाखिल हुए।
इससे पूर्व नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक आवास परिसर में एकत्रित हुए, वहां से बैनर और पोस्टर लेकर नारेबाजी करते हुए पैदल मार्च करते हुए विधानसभा परिसर पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि केंद्र सरकार ने गरीबों-मजदूरों का हक छिनने का काम किया है, हम इसका विरोध करेंगे। सदन के अंदर भी और सदन के बाहर भी इसका विरोध करेंगे। इसके अलावा भी कई ऐसे मुद्दे हैं जो ज्वलंत हैं। भाजपा सरकार ने नौजवानों से झूठे वादे किए। बजट में झूठी घोषणाएं की। किसानों से झूठे वादे किए और अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। ओएमआर शीट मामले में राज्य सरकार जांच करने को तैयार नहीं है। इन सब मुद्दों पर हम सरकार को घेरने का काम करेंगे। कांग्रेस के मुख्य सचेतक रफीक खान ने कहा कि मनरेगा बहुत बड़ा मुद्दा है लेेेकिन सरकार इस पर कोई संज्ञान नहीं ले रही है। नरेगा पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मनरेगा में जो संशोधन किया गया है वह ठीक नहीं है। एसआईआर का मुद्दा ज्वलंत मुद्दा है। इन सब मुद्दों पर हम प्रदर्शन करेंगे।
विधायक ऋतु बनावत का अनूठा प्रदर्शन: एक स्टिंग ऑपरेशन में कैद हुई निर्दलीय विधायक ऋतु बनावत भी सीबीआई जांच की मांग वाली साड़ी पहनकर विधानसभा पहुंची। विधायक निधि कोष के कथित दुरुपयोग मामले में फंसी विधायक बनावतकी साड़ी पर सीबीआई जांच की मांग लिखी हुई थी। इस मौके पर बनावत ने कहा कि उन्हें जबरन इस मामले में घसीटा गया है। उनकी छवि खराब करने की कोशिश की गई है, इसलिए इस पूरे मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / संदीप
