
देहरादून, 28 जनवरी (हि. स.)। उत्तराखंड राज्य के धामी मंत्रिमंडल की बुधवार काे हुई महत्वपूर्ण बैठक में ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखंड हाइड्रोजन नीति-2026 सहित 8 अहम प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई। इनमें स्वास्थ्य, उद्योग, ऊर्जा, शिक्षा और जनजातीय कल्याण प्रमुख हैं। कैबिनेट ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन पर शोक व्यक्त किया।
बुधवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक संपन्न हुई। कैबिनेट बैठक में सबसे पहले महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार सहित विमान दुर्घटना में मारे गए पांच लाेगाें की आत्माओं की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। मुख्यमंत्री ने इस हृदयविदारक घटना को अत्यंत दुःखद बताते हुए कहा कि यह हादसा समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। अजित पवार ने समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के कल्याण के लिए सदैव करुणा, संवेदनशीलता एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया।
कैबिनेट की बैठक के बाद सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में अपर सचिव बंशीधर तिवारी ने पत्रकारों को बैठक के निर्णय को लेकरब्रीफ किया। उन्हाेंने बताया कि राज्य सरकार ने ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए राज्य में हरित हाइड्रोजन को बढ़ावा देने के लिए नई नीति को मंज़ूरी दी गई है। जिससे उत्तराखंड स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में आगे बढ़ेगा। इसके तहत सब्सिडी पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में फैसला होगा।
उन्होंने बताया कि राज्य के जनपद उत्तरकाशी स्थित चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी और जनपद चमोली स्थित गौचर हवाई पट्टी को सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इन्हें संयुक्त नागरिक एवं सैन्य संचालन के उद्देश्य से एडवांस लैंडिंग ग्राउण्ड (एएलजी) के रूप में विकसित करने पर सहमति प्रदान कर दी है।
अपर सचिव बंशीधर तिवारी ने मीडिया काे बताया कि कैबिनेट ने स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को सेवाकाल के दौरान एक बार आपसी सहमति के आधार पर ट्रांसफर की अनुमति देने का निर्णय लिया है। इससे कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होगी। भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को सरल बनाते हुए सरकार को यह अधिकार दिया गया है कि वह अब सीधे भूस्वामियों से आपसी सहमति के आधार पर जमीन अधिग्रहण कर सकेगी। इससे विकास परियोजनाओं में तेजी आने की उम्मीद है। जनजातीय क्षेत्रों के विकास के लिए 4 नए जनजाति कल्याण अधिकारी पदों के सृजन को स्वीकृति प्रदान की गई है।
तिवारी ने बताया कि जनपद उधमसिंहनगर स्थित प्राग फार्म की कुल 1354.14 एकड़ भूमि को औद्योगिक आस्थान विकसित करने के लिए सिडकुल (औद्योगिक विकास विभाग) को हस्तांतरित करने की मंजूरी प्रदान की गई है। संशोधन के तहत अब यह प्रावधान किया गया है कि औद्योगिक विकास विभाग के माध्यम से, राजस्व विभाग की सहमति से, पट्टे पर आवंटित भूमि को समान प्रयोजन के लिए उप-पट्टे (सब लीज) पर देने का अधिकार पट्टेदार को होगा।
उन्हाेंने बताया कि इसके अलावा भूजल के व्यावसायिक उपयोग से संबंधित नियमावली को भी कैबिनेट ने हरी झंडी दे दी है, जिससे जल संसाधनों के नियमन को मजबूती मिलेगी। शिक्षा के क्षेत्र में जीआरडी उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय को राज्य कैबिनेट से मंज़ूरी मिली है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय
