
प्रदर्शन के पश्चात कुलपति को सौंपा ज्ञापन
हिसार, 28 जनवरी (हि.स.)। भारतीय मजदूर संघ से
संबंधित नॉन टीचिंग कर्मचारी संघ ने विश्वविद्यालयों के नॉन टीचिंग कर्मचारियों को
जॉब सिक्योरिटी एक्ट का लाभ देने की मांग पर प्रदर्शन कर राज्यपाल और मुख्यमंत्री के
नाम ज्ञापन सौंपा।
संगठन के प्रदेश संयोजक रणबीर बांगड़वा व सचिव
विजय नियाणा ने बुधवार काे बताया कि 14 अगस्त 2024 को राज्य सरकार ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम
के तहत प्रदेश भर में कार्यरत 1.20 लाख कर्मचारियों को जॉब सुरक्षा अधिनियम 2024 देने
की बात कही थी। यही नहीं, 25 दिसंबर 2025 को सुशासन दिवस पर मुख्यमंत्री ने जॉब सिक्योरिटी
पोर्टल लॉन्च किया, लेकिन उसमें विश्वविद्यालयों में लगे किसी भी कौशल रोजगार निगम
कर्मचारी को यह सुरक्षा नहीं मिलेगी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों के कर्मचारियों
की अनदेखी पर संगठन ने यह प्रदर्शन किया है।
नॉन टीचिंग कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री
विजय नियाणा ने बताया कि आज संगठन द्वारा गुजवि कुलपति को राज्यपाल के नाम और उपायुक्त
को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया है। उन्होंने बताया कि ज्ञापन के माध्यम से
विश्वविद्यालयों में कौशल रोजगार निगम के तहत कार्यरत सभी कर्मचारियों को जॉब सिक्योरिटी
एक्ट का लाभ देने, विश्वविद्यालयों के कुछ कौशल रोजगार निगम कर्मचारियों का अनुभव विवरण
गलत दर्ज है, उसको वास्तविक कार्यभार ग्रहण तिथि से दर्ज किया जाए, ताकि उसको अनुभव
के आधार पर वेतन लाभ मिल सके आदि मांगों को प्रमुखता से उठाया गया है।
इसके अलावा ईएसआई
के अनुसार कुछ कर्मचारियों का वेतन 21 हजार रुपए से अधिक होने के चलते ईएसआई कार्ड
कट गए हैं, उनको चिराय कार्ड जारी करने, विश्वविद्यालयों में डिस्पेंसरी खोली जाए व
डिस्पेंसरी में फ्री मेडिकल सुविधा दी जाए तथा विश्वविद्यालयों के जिन कर्मचारियों
के नाम कौशल रोजगार निगम पोर्टल से हट गए हैं उनके नाम वापस जोडऩे व उनका तीन माह का
बकाया वेतन दिलवाने की मांग भी उठाई गई है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने विश्वविद्यालयों
के कर्मचारियों को जॉब सिक्योरिटी एक्ट का लाभ नहीं दिया तो संगठन आंदोलन को तेज करने
को मजबूर होगा, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। उन्होंने बताया कि प्रदर्शन
में विश्वविद्यालयों के सैकड़ों कर्मचारियों ने भाग लिया।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर
