-सैकड़ों अधिकारियों व कर्मचारियों ने किया सूर्य नमस्कार
नारनाैल, 28 जनवरी (हि.स.)। नारनौल सभागार में बुधवार को जिला स्तर पर सूर्य नमस्कार कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में नगराधीश डा मंगल सेन ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की। इस कार्यक्रम में अधिकारियों व कर्मचारियों ने एक साथ सूर्य नमस्कार की क्रियाएं की। जिसमें सैकड़ों अधिकारी व कर्मचारी शामिल हुए।
नगराधीश ने भगवान धन्वंतरि के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए कहा कि योग और सूर्य नमस्कार भारतीय संस्कृति की अनमोल धरोहर है। ये केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर जीवन जीने की एक पद्धति बन चुका है।
उन्होंने कहा कि सूर्य नमस्कार व्यायामों का राजा कहा जाता है क्योंकि यह केवल एक शारीरिक कसरत नहीं है, बल्कि शरीर, मन और श्वास के बीच एक गहरा संबंध है। यह 12 शक्तिशाली योग आसनों का एक क्रम है जो आपके पूरे सिस्टम पर प्रभाव डालता है। उन्होंने कहा कि हजारों वर्षों पूर्व ऋषियों.मुनियों द्वारा प्रतिपादित यह पद्धति आज के आधुनिक युग में तनावमुक्त और स्वस्थ जीवन के लिए सबसे प्रभावी समाधान के रूप में उभरी है।
उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और बढ़ती जीवनशैली की बीमारियों (जैसे मधुमेह, उच्च रक्तचाप और मानसिक तनाव) के दौर में सूर्य नमस्कार एक रक्षा कवच की तरह कार्य करता है।
इस मौके पर जिला आयुर्वेद अधिकारी शशिबाला, जिला खजाना अधिकारी विपिन कुमार, आयुष विभाग से डा सतीश, डा ललित, योग विशेषज्ञ सुधा यादव, योग सहायिका सुनील देवी, योग सहायिका नीलम कुमारी, योग सहायक अरुण, योग सहायिका अशोक कुमारी के अलावा अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला
