भुवनेश्वर, 28 जनवरी (हि.स.)। नव निर्माण कृषक संगठन (एनकेएस) द्वारा बुधवार को आहूत ओडिशा बंद का सामान्य प्रभाव दिखा। राज्य के कुछ स्थानों पर यातायात पर इसका प्रभाव रहा। सुबह 6 बजे से दोपहर 2 बजे तक चले इस बंद के दौरान कई स्थानों पर यातायात बाधित हुआ और विरोध-प्रदर्शन देखने को मिले।
किसान संगठन ने धान खरीद में कथित अव्यवस्था, स्मार्ट मीटर की स्थापना तथा प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसीसी) नियम के तहत लगाए जा रहे कथित अत्यधिक जुर्माने के विरोध में बंद का आह्वान किया था। बंद को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भी समर्थन दिया।
भुवनेश्वर के बाहरी इलाके में उत्तरा छक पर प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाकर सड़क जाम किया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। बंद का असर भुवनेश्वर-कटक के जुड़वां शहरों में भी देखने को मिला, जहां कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने कई प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी।
कटक में निजी बसें सड़कों से नदारद रहीं, जबकि एहतियातन शहर के विभिन्न हिस्सों में पुलिस बल की तैनाती की गई।
इस बीच, बंद के दौरान भुवनेश्वर में 50 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। इसकी पुष्टि करते हुए भुवनेश्वर के पुलिस उपायुक्त जगमोहन मीणा ने बताया कि हिरासत में लिए गए लोगों को अस्थायी रूप से रिजर्व कार्यालय स्थित डिटेंशन सेंटर में रखा गया है।
डीसीपी मीणा ने कहा, “बंद में शामिल प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है और उनके नेता को भी गिरफ्तार किया गया है। शहर की स्थिति फिलहाल सामान्य है। कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वाले किसी भी समूह के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
एनकेएस के संयोजक अक्षय कुमार ने कहा था कि बंद का असर रेल सेवाओं और आपातकालीन सेवाओं पर नहीं पड़ेगा। हालांकि, संगठन ने व्यापारिक और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों से बंद के दौरान अपने प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील की थी।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता महंतो
