मुरादाबाद, 28 जनवरी (हि.स.)। मुरादाबाद जनपद के मूढ़ापांडे ब्लाॅक क्षेत्र की ग्राम पंचायत रनियाठेर में गोशाला में अनियमितता के मामले में निलंबित ग्राम विकास अधिकारी अजय कुमार ने एक बार फिर कोर्ट की शरण ली। इस बार जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) के विरुद्ध उच्च न्यायालय के आदेश के अवमानना की रिट दायर की है।
ग्राम विकास अधिकारी अजय कुमार को रनियाठेर गोशाला में अनियमितता के चलते विभागीय कार्यवाही के दौरान निलंबित किया गया था। निलंबन के बाद जब उनका पक्ष नहीं सुना गया तो निलंबन के विरुद्ध उच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर की। जिस पर न्यायालय ने जिला विकास अधिकारी को बहाली तथा जिला पंचायत राज अधिकारी को उन्हें तैनाती देने का आदेश दिया था। इस आदेश के बाद उन्हें बहाल तो किया गया लेकिन उन्हें तैनाती नहीं दी गई।
वहीं जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक कुमार शर्मा ने बुधवार को बताया कि कोर्ट ने जो आदेश दिया था, उसका पालन किया गया है, कोर्ट ने 13 मार्च तक का समय दिया है, फिर भी यदि ग्राम विकास अधिकारी दोबारा उच्च न्यायालय गए तो जो भी जवाब मांगा जाएगा, वह दिया जाएगा।
जिला पंचायत राज अधिकारी पर लगाया उच्च न्यायालय के आदेश की अवमानना का आरोप :
डीपीआरओ ने उन्हें अब तक तैनाती नहीं दी, जबकि न्यायालय ने 17 दिसंबर को एक माह के भीतर तैनाती देने के आदेश के साथ कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी। इसलिए उन्होंने तैनाती न मिलने को लेकर पुनः उच्च न्यायालय की शरण ली है।
हिन्दुस्थान समाचार / निमित कुमार जायसवाल
