कोलकाता, 28 जनवरी (हि. स.)। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार आगामी बजट सत्र में केंद्रीय जांच एजेंसियों ईडी और सीबीआई की भूमिका की निंदा करते हुए विधानसभा में एक प्रस्ताव पेश करेगी।
विधानसभा के तृणमूल सूत्रों के अनुसार, बजट सत्र के दौरान ट्रेजरी बेंच एक अन्य प्रस्ताव भी लाएगी, जिसमें राज्य में चल रही एसआईआर प्रक्रिया के तरीके की निंदा की जाएगी।
पश्चिम बंगाल विधानसभा का बजट सत्र तीन फरवरी से शुरू होकर नौ फरवरी तक चलेगा। इस दौरान पांच फरवरी को राज्य के वित्त राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ‘वोट ऑन अकाउंट’ पेश करेंगे। विधानसभा चुनावों के बाद नई राज्य कैबिनेट द्वारा पूर्ण बजट प्रस्तुत किया जाएगा। दोनों विशेष प्रस्ताव राज्य के कृषि एवं संसदीय कार्य मंत्री शोभनदेब चटर्जी द्वारा पेश किए जाएंगे।
ईडी-सीबीआई की भूमिका की निंदा से जुड़ा प्रस्ताव हालिया घटनाक्रम के मद्देनज़र बेहद अहम माना जा रहा है। हाल ही में ईडी ने इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आई-पैक) के साल्ट लेक स्थित कार्यालय और इसके सह-संस्थापक प्रतीक जैन के मध्य कोलकाता के लाउडन स्ट्रीट स्थित आवास पर एक साथ छापेमारी की थी। इसी दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शीर्ष नौकरशाहों और पुलिस अधिकारियों के साथ दोनों स्थानों पर पहुंचीं और वहां से कई फाइलें और इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज अपने साथ ले गईं।
मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका और एक प्रतियाचिका पर सुनवाई चल रही है। ईडी की याचिका में आरोप लगाया गया है कि मुख्यमंत्री ने जांच प्रक्रिया में हस्तक्षेप कर संवैधानिक अधिकारों का दुरुपयोग किया। वहीं तृणमूल की ओर से दायर प्रतियाचिका में आरोप है कि ईडी, पार्टी की रणनीति से जुड़े अहम दस्तावेज जुटाकर उन्हें भाजपा को सौंपने की कोशिश कर रही है।
उल्लेखनीय है कि आई-पैक वर्ष 2020 से तृणमूल के लिए चुनावी रणनीति एजेंसी के रूप में काम कर रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर
