उरई, 28 जनवरी (हि.स.)। यमुना नदी को प्रदूषण मुक्त करने तथा उसके प्राकृतिक स्वरूप की पुनर्स्थापना की मांग काे लेकर जल सहेली फाउंडेशन ने बुधवार को नगर में जन जागरूकता रैली निकाली। यमुना की अविरल धारा के लिए बुंदेलखंड की जल सहेलियां 29 जनवरी से दिल्ली तक पदयात्रा करेंगी।
परमार्थ समाजसेवी संस्था के डायरेक्टर डॉ. संजय सिंह ने बताया कि वर्तमान समय में यमुना नदी का प्राकृतिक स्वरूप खोजा जा रहा है। यमुना के संरक्षण, स्वच्छता एवं पुनर्जीवन के लिए जन-जागरूकता के लिए नगर में रैली निकाली गई है। उन्हाेंने बताया कि जिले
के जगम्मनपुर से दिल्ली तक की पदयात्रा केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि समाज को यमुना से जोड़ने और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता जागृत करने का व्यापक अभियान है। यात्रा का मुख्य उद्देश्य यमुना के संरक्षण, स्वच्छता एवं पुनर्जीवन के लिए जन-जागरूकता बढ़ाना तथा जन-भागीदारी को सशक्त करना है, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए यमुना सदैव स्वच्छ और निर्मल बनी रहे। उन्हाेंने बताया कि यात्रा के दौरान यमुना तटों की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाएगा। विभिन्न स्थानों पर वृक्षारोपण किया जाएगा और नदी चौपालों का आयोजन कर स्थानीय लोगों से संवाद स्थापित किया जाएगा।
डॉ. सिंह ने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत यमुना किनारे बसे गांवों के लोग संरक्षण से जुड़े अपने महत्वपूर्ण सुझाव साझा करेंगे। इससे यमुना नदी की संस्कृति और विरासत को सुरक्षित रखने का वातावरण बनेगा। यात्रा के दौरान यमुना संरक्षण समिति का गठन किया जाएगा तथा जल सहेलियों के मार्गदर्शन में “यमुना प्रहरी कैडर” विकसित किया जाएगा, जिससे सतत जनभागीदारी के माध्यम से यमुना संरक्षण का कार्य लगातार चलता रहे। साथ ही यमुना नदी के पुनर्जीवन के लिए एक ठोस एवं व्यावहारिक कार्ययोजना भी तैयार की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि जनपद जालौन के पंचनद (जगम्मनपुर) से दिल्ली तक लगभग 500 किलोमीटर लंबी जागरूकता पदयात्रा 29 जनवरी से शुरू हाेगी। यह यात्रा करीब 30 दिनों तक चलेगी, जिसमें हजारों जल सहेलियां प्रतिदिन 15 से 17 किलोमीटर पैदल चलकर 28 फरवरी तक दिल्ली के वासुदेव घाट पहुंचेंगी। यह यात्रा इटावा, बटेश्वर, आगरा और मथुरा होते हुए दिल्ली तक पहुंचेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / विशाल कुमार वर्मा
