भागलपुर, 28 जनवरी (हि.स.)। लेबर कोड कानून को लागू किए जाने और मजदूर अधिकारों पर बढ़ते हमले के खिलाफ 12 फरवरी की देशव्यापी आम हड़ताल की तैयारी पर जोर देने के लिए बुधवार को स्थानीय कचहरी परिसर में मजदूर संगठनों की संयुक्त बैठक हुई।
बैठक में ऐक्टू के राज्य सह जिला सचिव मुकेश मुक्त, एटक के जिला महासचिव डॉ. सुधीर शर्मा, सीटू के जिला सचिव दशरथ प्रसाद, एआईयूटीयूसी के जिला संयोजक दीपक कुमार और इंटक के जिला अध्यक्ष रवि कुमार सहित अमर कुमार, मनोहर मंडल व सचिन कुमार आदि शामिल हुए।
बैठक को सम्बोधित करते हुए मजदूर संगठनों के नेतृत्वकारियों ने कहा कि मजदूरों के शोषण को बढ़ाने एवं उसके अधिकारों में और अधिक कटौती करने के लिए लेबर कोड्स कानून लागू किया गया है। मोदी सरकार के पिछले 11 वर्षों के शासन में मजदूर वर्ग पर हमले बढ़े हैं। यह कानून कॉरपोरेटों और मालिकवर्ग की सेवा के लिए बनाया गया है। इसके झूठे प्रचार का पर्दाफाश करते हुए 12 फरवरी की देशव्यापी आम हड़ताल को सफल बनाएंगे।
बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए नेतृत्वकारियों ने बताया कि हड़ताल को लेकर 4 फरवरी को मजदूर संगठन संयुक्त कार्यकर्ता कन्वेंशन करेंगे। 6 फरवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हड़ताल के मुद्दों की जानकारी दी जाएगी। 10 फरवरी को माइक प्रचार किया जाएगा एवं प्रमुख चौक – चौराहों पर नुक्कड़ सभा की जाएगी। तिलकामांझी की जयंती पर 11 फरवरी को उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए तिलकामांझी चौक पर सभा की जाएगी। नेतृत्वकारियों ने असंगठित–संगठित क्षेत्र के मजदूरों और आम नागरिकों से हड़ताल को व्यापक समर्थन देकर इसे सफल बनाने का आह्वान किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर
