

सारण, 28 जनवरी (हि.स.)। व्यवहार न्यायालय छपरा की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता करने के उद्देश्य से अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर-1 द्वारा न्यायालय परिसर का एहतियातन निरीक्षण एवं सघन जांच की गई।
इस औचक निरीक्षण से न्यायालय परिसर में सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों के बीच हड़कंप की स्थिति रही। निरीक्षण के दौरान एसडीपीओ ने न्यायालय के प्रवेश एवं निकास द्वारों, कैदी वाहनों के मूवमेंट और परिसर के संवेदनशील बिंदुओं की बारीकी से जांच की।
उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की और यह सुनिश्चित किया कि सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन सही ढंग से हो रहा है या नहीं। सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए बम डिस्पोजल दस्ते को तैनात किया गया है। टीम ने डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर के सहयोग से न्यायालय परिसर, अधिवक्ताओं के कक्ष, हाजत और आसपास के संवेदनशील इलाकों की बारीकी से जांच की।
जांच के क्रम में एसडीपीओ ने वहां मौजूद पुलिस बल को संबोधित करते हुए कहा कि न्यायालय की सुरक्षा एक अत्यंत संवेदनशील मामला है।
उन्होंने निर्देश दिया कि ड्यूटी के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पुलिसकर्मियों को अधिक सतर्कता और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखने को कहा, चेक-पोस्ट पर आने-जाने वालों की सघन जांच करने एवं निर्धारित समय पर मुस्तैदी के साथ अपनी ड्यूटी निभाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान पुलिस उपाधीक्षक यातायात, कोर्ट सुरक्षा प्रभारी तथा नगर थानाध्यक्ष समेत जिले के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने परिसर में सीसीटीवी कैमरों और अन्य तकनीकी सुरक्षा उपकरणों की क्रियाशीलता की भी जानकारी ली। निरीक्षण के उपरांत यह संदेश दिया गया कि सारण पुलिस आम नागरिकों की सुरक्षा, न्यायिक कार्य की सुगमता और जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। समय-समय पर इस तरह के औचक निरीक्षणों के माध्यम से पुलिसिंग को और अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने की योजना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय कुमार
