– गौरव गोगोई खुद मियां नेता के तौर पर पेश करने के लिए जनता को गुमराह करने की कर रहे कोशिश

गुवाहाटी, 28 जनवरी (हि.स.)। भाजपा प्रवक्ता डॉ. देवजीत महंत ने मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा की पहचान के बारे में गोगोई के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री आधुनिक असम के विकास के पीछे एक प्रमुख शक्ति हैं। वे आधुनिक असम के निर्माता हैं। 1 फरवरी, 1969 को कैलाश नाथ सरमा और मृणालिनी देवी के घर जन्मे डॉ. हिमंत बिस्व सरमा असम के 15वें मुख्यमंत्री हैं। वह गर्व से कह सकते हैं कि उनकी पत्नी, बेटा और बेटी भारत और असम की संतान हैं और भारतीय नागरिक हैं। इसके विपरीत डॉ. महंत ने आरोप लगाया कि गौरव गोगोई के चार सदस्यों वाले परिवार के तीन सदस्य विदेशी हैं, फिर भी वह सवाल उठाते हैं, हिमंत बिस्व सरमा कौन हैं?

असम प्रदेश भाजपा मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन को बुधवार को संबोधित करते हुए प्रवक्ता डॉ. महंत ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के बेटे होने के अलावा गौरव गोगोई ने असम की राजनीति में कोई योगदान नहीं दिया। इसके विपरीत डॉ. हिमंत बिस्व सरमा के दादा, पिता, या परिवार के किसी भी सदस्य का राजनीति से कोई संबंध नहीं था।
डॉ. सरमा को हिंदुओं का जिन्ना कहने वाले गौरव गोगोई की टिप्पणी का जवाब देते हुए डॉ. महंत ने कहा कि जिन्ना के जीन राजीव भवन और कांग्रेस पार्टी के दिल में हैं, इसीलिए राजीव भवन में इफ्तार और इज्तिमा होते हैं। जिन्ना ने जवाहरलाल नेहरू के साथ मिलकर धर्म के आधार पर भारत का बंटवारा किया। नेहरू ने जिन्ना की मुस्लिम लीग से बेगम एजाज रसूल, बंगाल के नसरुद्दीन अहमद और मद्रास के साहेब बहादुर जैसे 28 मुस्लिम नेताओं को संविधान सभा में शामिल किया था। उसी नेहरू ने सैयद मुहम्मद सादुल्ला को संविधान मसौदा समिति का सदस्य बनाया, जो अधिक अन्न उगाओ अभियान के तहत बांग्लादेश से मियां लोगों को लाए थे और 1946 में असम को पूर्वी पाकिस्तान में शामिल करना चाहते थे। डॉ. हिमंत बिस्व सरमा को हिंदुओं का जिन्ना कहने से पहले गौरव गोगोई, जो कथित विदेशी संबंधों के बावजूद खुद को स्थानीय बताते हैं और जिनमें ऐतिहासिक समझ की कमी दिखती है, उन्हें पहले यह साबित करना चाहिए कि उनका पाकिस्तान से कोई संबंध नहीं है।
बदरुद्दीन अजमल के इस बयान पर (20 साल बाद असम पर मियां लोगों का कब्ज़ा हो जाएगा) डॉ. देवाजीत महंत ने कहा कि पार्टी का रुख साफ है कि भाजपा असम में लव जिहाद या लैंड जिहाद की इजाज़त नहीं देगी।
रेज़ाउल करीम सरकार के उन बयानों का ज़िक्र करते हुए, जिनमें शिवसागर को धुबड़ जैसा बनने, धुबड़ी में जनसंख्या में बदलाव और गुवाहाटी तथा शिवसागर में मियां कमिश्नर होने की संभावना की बात कही गई थी पर डॉ. महंत ने आरोप लगाया कि ऐसे बयान सांप्रदायिक तनाव फैलाने की कोशिश हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान देने वाले नेताओं को भाजपा की तरफ से कड़ा राजनीतिक जवाब मिलेगा।
डॉ. महंत ने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी के गठबंधन सिर्फ 22 अल्पसंख्यक-बहुल सीटों तक ही सीमित हैं और जिन सीटों पर ज़्यादातर स्थानीय लोग रहते हैं, वहां उसे स्वीकार्यता नहीं है। अखिल गोगोई का ज़िक्र करते हुए, उन्होंने टिप्पणी की कि गोगोई आधुनिक असम के बदन बरफुकन हैं। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि बाघबर विधायक शेरमान अली के साथ गठबंधन करके, अखिल गोगोई खुद को मियां नेता के तौर पर पेश करने की कोशिश कर रहे हैं। डॉ. महंत ने कहा कि असम के लोग 2026 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस और विपक्ष को, जिसे उन्होंने मुगलों जैसा बताया, करारा जवाब देंगे, जो उनके मुताबिक 17 बार हमला करने के बावजूद असम को झुकाने में नाकाम रहे
हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय
