हाथरस, 28 जनवरी (हि.स.)। क्षेत्र में मंगलवार को हुई रुक-रुक कर बारिश और रात की मूसलाधार वर्षा ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। किसान अब आलू की फसल में चेचक रोग और चुकंदर के अंकुरण में दिक्कत की आशंका जता रहे हैं।
किसानों के अनुसार, आलू के खेतों में पानी भरने से फसल में चेचक रोग लगने और सड़ने की संभावना बढ़ गई है। वे पहले से ही जड़ गलन और झुलसा रोग से परेशान थे, और अब यह बारिश बची हुई फसल को भी नुकसान पहुंचा सकती है। चुकंदर की फसल बोने वाले किसानों को भी नुकसान का डर सता रहा है। उनका कहना है कि यदि और बारिश होती है तो बोया हुआ बीज बह जाएगा। वहीं, अगर धूप निकलती है तो मिट्टी की ऊपरी परत सख्त होने से अंकुरण मुश्किल हो जाएगा। इसके अतिरिक्त, सरसों के फूल झड़ने और कटी हुई रखी सरसों की फसल को भी नुकसान होने की आशंका है। सहायक खंड विकास अधिकारी (कृषि) मुरारी लाल ने बुधवार काे बताया कि अधिक बारिश से आलू और चुकंदर को नुकसान की अधिक संभावना है, जबकि जौ और गेहूं की फसलों के लिए यह बारिश फायदेमंद साबित होगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / मदन मोहन राना
