प्रयागराज, 28 जनवरी (हि.स.)। यूजीसी रूपी काले कानून की कड़े शब्दों में निन्दा करते हुए बुधवार को मीडिया से इलाहाबाद हाईकोर्ट यूथ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष लक्ष्मीकांत मिश्रा ने कहा कि यह कानून सामाजिक भाईचारे को ध्वस्त करने की एक साज़िश है। उन्होंने हिन्दू धर्म के सबसे बड़े धार्मिक गुरु अविमुक्तेश्वरानंद को अपमानित करने की साज़िश की निंदा की।
उन्होंने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट यूथ बार एसोसिएशन बीते 20 वर्षो से अधिवक्ता हितों के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों से प्रतिबद्धित होकर हर अध्याय के विरूद्ध मुखर होकर अपना प्रतिरोध दर्ज कराता रहा है। उन्होंने कहा कि बार काउंसिल ऑफ उप्र के चुनाव के यूथ बार एसोसिएशन संगठन के सचिव सिद्धार्थ जायसवाल को अधिकृत प्रत्याशी के रूप अधिवक्ताओं के समक्ष प्रथम वरीयता मत की आकांक्षी है। उन्होंने कहा कि आज की परिस्थितियों के मद्देनजर यूथ बार एसोसिएशन अधिवक्ता हितों के लिए लगातार संघर्ष किया है। वर्ष 2016 में सरचार्ज रुपी रिन्यूवल चार्ज लगाया गया था तो यूथ बार एसोसिएशन के कार्यकर्ताओं के विरोध की वजह से उसे वापस कर दिया गया। इसी तरह लगातार संगठन अधिवक्ताओं के हितों हेतु संघर्ष किया है और आगे भी अधिवक्ता हितों को ध्यान में रखकर लगातार संघर्ष करता रहेगा।
—————
हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल
