मुंबई,29 जनवरी ( हि. स.) । ठाणे जिले में नवी मुंबई में नेरुल के सिडको स्थित कार्यालय के प्रभारी सहायक औपनिवेशिक ( वसाहत) अधिकारी 57वर्षीय शैलेश आत्माराम घरत को कल 28जनवरी को नवीं मुंबई भ्रष्टाचार प्रतिबन्धक विभाग के दस्ते ने शिकायतकर्ता से दो लाख रु रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। घरत ने यह राशि अपने निजी सहायक 58 वर्षीय नागेन्द्र तुलसीराम पाण्डे के जरिए स्वीकार की थी, इसलिए दोनों को हिरासत में लेकर स्थानीय पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया गया है।ठाणे एंटी करप्शनब्यूरो द्वारा आज बताया गया है कि शिकायतकर्ता स्वयं सोसाइटी रजिस्ट्रेशन का कार्य करता है।11जून 2025को सानपाडा स्थित अपने घर का सिडको में स्थानांतरण करने के लिए उन्होंने सिडको के दफ्तर में ऑनलाइन आवेदन दिया था।इस मामले में संबंधित अधिकारी प्रभारी सहायक औपनिवेशिक अधिकारी शैलेश घरत ने चार लाख रुपए मांगे थे।इसके बारे में शिकायतकर्ता ने नवी मुंबई एंटी करप्शनब्यूरो को 22जनवरी 2026 को अवगत कराया था।विगत 27जनवरी को ब्यूरो द्वारा की गई छान बीन में इसे सही पाया गया था।इसी बीच अधिकारी शैलेश घरत ने शिकायतकर्ता से पुनः संपर्क करके दो लाख रु देने पर जोर दिया था।इसी घटना क्रम में कल 28जनवरी 2026को सहायक औपनिवेशिक अधिकारी शैलेश घरत अपने सहायक नागेंद्र पांडे के जरिए दो लाख रु की राशि नेरुल रेलवे स्टेशन के पास होटल नवमी में ले रहे थे,नवी मुंबई एंटी करप्शनब्यूरो द्वारा नियोजित रूप से दोपहर दो बजकर 38मिनट पर पहले पांडे को और फिर सहायक औपनिवेशिक (वसाहत) अधिकारी शैलेश घरत को हिरासत में लिया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / रवीन्द्र शर्मा
