शिमला, 29 जनवरी (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस संगठन का गठन एक माह के भीतर कर लिया जाएगा। इसको लेकर दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान के साथ हुई बैठक में सहमति बन गई है। प्रदेश के साथ-साथ विभिन्न विभागों और मोर्चों की कार्यकारिणियों का भी जल्द गठन किया जाएगा। संगठन को मजबूत करने के लिए पार्टी स्तर पर आपसी सहमति बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

यह जानकारी हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने गुरुवार को शिमला में मीडिया से बातचीत के दौरान दी। उन्होंने कहा कि पार्टी के अंदर किसी तरह की गुटबाजी नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी में विचार-विमर्श और मतभेद स्वाभाविक हैं और हर नेता को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन किसी भी स्थिति में अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विनय कुमार ने कहा कि संगठन को एकजुट और मजबूत रखना उनकी प्राथमिकता है।

केंद्रीय बजट को लेकर पूछे गए सवाल पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि किसान, बागवान और पिछड़े वर्ग केंद्र सरकार से काफी उम्मीदें लगाए बैठे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले बजट में इन वर्गों को राहत मिलेगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मनरेगा के मुद्दे पर केंद्र सरकार के खिलाफ कांग्रेस का विरोध जारी रहेगा।
विनय कुमार ने बताया कि मनरेगा से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस पार्टी 30 जनवरी को शिमला के रिज मैदान पर दो घंटे का अनशन करेगी। इस अनशन में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आम लोगों के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करती रहेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा
