कोलकाता, 29 जनवरी (हि.स.)। कोलकाता के दक्षिणी बाहरी इलाके आनंदपुर में दो गोदामों में लगी भीषण आग में मृतकों की संख्या बढ़कर 23 हो गई है। इस बीच, आग लगने की घटना के पहले चश्मदीद और दमकल विभाग को सूचना देने वाले व्यक्ति ने दावा किया है कि यदि राज्य अग्निशमन विभाग ने क्षेत्राधिकार की औपचारिकताओं में समय गंवाने के बजाय तत्काल कार्रवाई की होती, तो इस त्रासदी को टाला जा सकता था।

चश्मदीद वीरेंद्र यादव, जिनका पशुशाला पुष्पांजलि डेकोरेटर्स के गोदाम के बगल में स्थित है, ने बताया कि आग सबसे पहले इसी गोदाम में लगी थी, जो बाद में पास स्थित ‘वॉव मोमो’ के गोदाम तक फैल गई।

वीरेंद्र यादव ने बताया कि आग देखकर उन्होंने सबसे पहले 101 नंबर पर दमकल विभाग को फोन किया, लेकिन कॉल जिला कंट्रोल रूम में चली गई। वहां से उन्हें कोलकाता फायर सर्विस कंट्रोल रूम से संपर्क करने को कहा गया। इस दौरान मदद भेजने के बजाय अधिकारियों ने उन्हें दूसरे कंट्रोल रूम से संपर्क करने की सलाह दी।
इसके बाद यादव ने अपने एक परिचित से कोलकाता फायर सर्विस कंट्रोल रूम में फोन करवाया। इसके लगभग आधे घंटे बाद दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं।
वीरेंद्र यादव ने मीडिया को बताया कि उन्होंने शुरुआत में अपने मोटर पंप से आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन असफल रहने पर अपनी गायों और भैंसों को सुरक्षित स्थान पर ले जाकर खुद वहां से निकल गए।
उन्होंने कहा कि सोमवार तड़के करीब 2.30 बजे मैंने आग देखी। मेरी रसोई की खिड़की से आग की लपटें दिखाई दे रही थीं। मेरे पास पशुशाला है, इसलिए डर के मारे मैंने मोटर पंप से आग बुझाने की कोशिश की, ताकि अपनी गायों और भैंसों को बचा सकूं, लेकिन मैं कामयाब नहीं हो सका।
वीरेंद्र ने आगे कहा कि मैंने दमकल विभाग को फोन किया था। उन्होंने कहा कि कोलकाता कंट्रोल रूम से बात करें। यह भ्रम कि गोदाम किस क्षेत्राधिकार में आते हैं, कीमती समय बर्बाद कर गया। अगर तुरंत प्रतिक्रिया मिलती, तो हालात अलग हो सकते थे।
इस बीच, स्थानीय लोगों में भी प्रशासन के रवैये को लेकर नाराज़गी है। उनका कहना है कि राज्य के दमकल मंत्री सुजीत बोस घटना के 32 घंटे बाद मौके पर पहुंचे, जो प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है।
उल्लेखनीय है कि आनंदपुर में दो गोदामों में लगी आग में अब तक 23 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 28 लोग अब भी लापता हैं। राहत एवं बचाव कार्य जारी है।
पुलिस ने पुष्पांजलि डेकोरेटर्स गोदाम के मालिक गंगाधर दास को लापरवाही से मौत का कारण बनने के आरोप में गिरफ्तार किया है।
पुष्पांजलि गोदाम के पास स्थित ‘वॉव मोमो’ की इकाई भी आग में पूरी तरह नष्ट हो गई। पुलिस ने इस मामले में भी संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है, हालांकि अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। कंपनी ने बुधवार को पुष्टि की थी कि इस हादसे में उसके तीन कर्मचारियों की मौत हुई है।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर
