जयपुर, 29 जनवरी (हि.स.)। प्रदेश में सड़क विकास को लेकर राज्य सरकार की रफ्तार पर सार्वजनिक निर्माण मंत्री दिया कुमारी ने गुरुवार को विधानसभा में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार सड़क निर्माण को केवल योजना नहीं, बल्कि प्रदेश की जीवनरेखा मानकर प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। इसका प्रमाण यह है कि जहां पिछली सरकार ने पांच वर्षों में 13,160 किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण कराया, वहीं वर्तमान सरकार ने मात्र दो वर्षों में ही 16,864 किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण कर रिकॉर्ड बनाया है।

उन्होंने बताया कि गांवों को सड़क से जोड़ने के मामले में भी सरकार ने तेज़ी दिखाई है। पिछली सरकार के कार्यकाल में 1,104 गांवों को सड़क नेटवर्क से जोड़ा गया था, जबकि मौजूदा सरकार अब तक 1,717 गांवों को पक्की सड़कों से जोड़ चुकी है। यह ग्रामीण विकास और सुगम आवागमन की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।

मंत्री दिया कुमारी ने सड़कों के नवीनीकरण पर किए गए खर्च का भी तुलनात्मक विवरण रखा। उन्होंने बताया कि जहां पिछली सरकार ने सड़क नवीनीकरण पर 12,300 करोड़ रुपये खर्च किए, वहीं वर्तमान सरकार अब तक 8,450 करोड़ रुपये व्यय कर चुकी है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पूर्व सरकार के 2022-23 और 2023-24 के बजट में सड़कों के चयन में वर्तमान सरकार के विधायकों की अनुशंसाओं पर कोई स्वीकृति नहीं दी गई थी, जबकि मौजूदा सरकार ने वर्ष 2025-26 के बजट में बिना किसी भेदभाव के सभी विधायकों से अनुशंसाएं लेकर बजट घोषणा के अनुरूप स्वीकृतियां जारी की हैं।
सार्वजनिक निर्माण मंत्री प्रश्नकाल के दौरान विधायक चेतन पटेल कोलाना द्वारा पूछे गए पूरक प्रश्नों का उत्तर दे रही थीं। उन्होंने जानकारी दी कि विधानसभा क्षेत्र पीपल्दा में विधायक द्वारा वर्ष 2025-26 के लिए 6 नॉन पेचेबल और 6 मिसिंग लिंक सड़कों की अनुशंसा की गई थी। इन 12 सड़कों में से 7 की निविदा प्रक्रिया जारी है, जिसकी प्रक्रिया 2 फरवरी तक पूर्ण कर ली जाएगी। एक सड़क का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जबकि शेष 4 सड़कों के मामलों में परीक्षण के बाद नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
इससे पहले मूल प्रश्न के लिखित उत्तर में मंत्री ने बताया कि बजट वर्ष 2025-26 में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए नॉन पेचेबल और मिसिंग लिंक सड़कों की स्वीकृति जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा प्राथमिकता के आधार पर दी गई है। इन सड़कों का चयन विधायकों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों से प्राप्त सुझावों के अनुसार किया गया, जिनका विस्तृत विवरण सदन के पटल पर रखा गया।
उन्होंने बताया कि पीपल्दा विधानसभा क्षेत्र के लिए 21 मई 2025 को विधायक द्वारा भेजे गए प्रस्तावों में से 4 मिसिंग लिंक और 4 नॉन पेचेबल सड़कों को स्वीकृति दी जा चुकी है। मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के हर गांव को बेहतर सड़क सुविधा से जोड़ना है, ताकि विकास की गाड़ी बिना रुके आगे बढ़ती रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित
